मध्यप्रदेश में लगातार नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिये भी नियोजित प्रयास किये जा रहे हैं. इसी श्रृंखला में प्रदेश में जल्द ही 1500 मेगावॉट के तीन सौर ऊर्जा पार्क की स्थापना की जाएगी. इसमें शाजापुर सोलर पार्क 500 मेगावॉट, आगर सोलर पार्क 550 और नीमच सोलर पार्क 450 मेगावॉट की स्थापना का कार्य प्रगति पर है. इससे वर्ष 2019-2020 के मध्य व्यवसायिक उत्पादन प्रारंभ करने का लक्ष्य है.
सौर ऊर्जा पार्क परियोजना से उत्पादित बिजली म.प्र. पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी (1100 मेगावॉट) तथा भारतीय रेल (400 मेगावॉट) खरीदेगा. हाल ही में विश्व बैंक के इंटरनेशनल फायनेंस कॉपोर्रेशन (आईएफसी) के साथ नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग ने फायनेंशियल एडवायजरी सर्विसेस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किये हैं.
उल्लेखनीय है कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड के अंतर्गत वर्तमान में प्रदेश में 250 मेगावॉट क्षमता की मंदसौर सौर पार्क द्वारा व्यवसायिक उत्पादन मार्च-2018 से पूर्ण क्षमता से प्रारंभ कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त सर्वाधिक महत्वाकांक्षी रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना-750 मेगावॉट का कार्य प्रगति पर है. इस परियोजना से भी 5 से 10 मेगावॉट अंश क्षमता का व्यवसायिक उत्पादन मई-2018 से प्रारंभ किया जाकर चरणबद्ध रूप से अक्टूबर-2018 तक पूर्ण 750 मेगावॉट क्षमता की स्थापना उपलब्ध कर ली जायेगी.
सौर ऊर्जा पार्क परियोजना से उत्पादित बिजली म.प्र. पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी (1100 मेगावॉट) तथा भारतीय रेल (400 मेगावॉट) खरीदेगा. हाल ही में विश्व बैंक के इंटरनेशनल फायनेंस कॉपोर्रेशन (आईएफसी) के साथ नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग ने फायनेंशियल एडवायजरी सर्विसेस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किये हैं.
उल्लेखनीय है कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड के अंतर्गत वर्तमान में प्रदेश में 250 मेगावॉट क्षमता की मंदसौर सौर पार्क द्वारा व्यवसायिक उत्पादन मार्च-2018 से पूर्ण क्षमता से प्रारंभ कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त सर्वाधिक महत्वाकांक्षी रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना-750 मेगावॉट का कार्य प्रगति पर है. इस परियोजना से भी 5 से 10 मेगावॉट अंश क्षमता का व्यवसायिक उत्पादन मई-2018 से प्रारंभ किया जाकर चरणबद्ध रूप से अक्टूबर-2018 तक पूर्ण 750 मेगावॉट क्षमता की स्थापना उपलब्ध कर ली जायेगी.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें