अध्यापक संवर्ग के हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी आदिवासी क्षेत्र से गैर आदिवासी क्षेत्र एवं गैर आदिवासी क्षेत्र एवं आदिवासी क्षेत्र से आदिवासी क्षेत्रों में तबादलों पर लगी रोक हटाने के लिए प्रदेश भर से आए बड़ी संख्या में अध्यापकों ने जनजातीय कार्य विकास विभाग की आयुक्त दीपाली रस्तोगी का घेराव किया.
अध्यापक राजेन्द्र धाकड़ ने बताया कि तबादलों पर लगी रोक की वजह से उन्हें कई समस्याए आ रही है. तबादले होने के बाद वे दूसरी जगह शिफ्ट होने के लिए घर का सामान बेच चुके है इतना ही नही वे अपने बच्चों का एडमीशन भी तबादले वाली जगह करा चुके है लेकिन तबादले पर लगी रोक की वजह से बच्चों का भविष्य खतरे में है. तृतीय वर्ग, अध्यापक संघ मध्यप्रदेश के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने 12 अप्रैल के आदेश को निरस्त करने की मांग. अध्यापकों ने बताया कि उक्त आदेश की वजह से आदिवासी क्षेत्र से गैर आदिवासी क्षेत्र में, गैर आदिवासी क्षेत्र से आदिवासी क्षेत्र में एवं आदिवासी क्षेत्र से आदिवासी क्षेत्र में नहीं हो पा रहे है अध्यापकों ने तबादलों पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर आयुक्त दीपाली रस्तोगी को ज्ञापन भी सौंपा. इसके बाद अध्यापकों ने आदिवासी विभाग के प्रमुख सचिव मिश्रा को भी ज्ञापन देकर तबादलों पर लगी रोक हटाने की मांग दोहराई.
गौरतलब है कि गैर आदिवासी क्षेत्र से 725 आदिवासी क्षेत्र में पदांकन हुआ है आदिवासी क्षेत्र से गैर आदिवासी क्षेत्र में 435 अध्यापकों का पदांकन हुआ एवं आदिवासी क्षेत्र से आदिवासी क्षेत्र में 290 अध्यापकों का तबादला हुआ है. अध्यापक कार्यमुक्ति पर रोक हटवाने के लिए राजधानी में डेरा जमाए हुए. अध्यापकों ने चेतावनी दी है कि जब तक इन तबादलों पर लगी रोक हटाई नहीं जाती तब तक कोई भी अध्यापक भोपाल से घर वापस नहीं जाएगा.
अध्यापक राजेन्द्र धाकड़ ने बताया कि तबादलों पर लगी रोक की वजह से उन्हें कई समस्याए आ रही है. तबादले होने के बाद वे दूसरी जगह शिफ्ट होने के लिए घर का सामान बेच चुके है इतना ही नही वे अपने बच्चों का एडमीशन भी तबादले वाली जगह करा चुके है लेकिन तबादले पर लगी रोक की वजह से बच्चों का भविष्य खतरे में है. तृतीय वर्ग, अध्यापक संघ मध्यप्रदेश के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने 12 अप्रैल के आदेश को निरस्त करने की मांग. अध्यापकों ने बताया कि उक्त आदेश की वजह से आदिवासी क्षेत्र से गैर आदिवासी क्षेत्र में, गैर आदिवासी क्षेत्र से आदिवासी क्षेत्र में एवं आदिवासी क्षेत्र से आदिवासी क्षेत्र में नहीं हो पा रहे है अध्यापकों ने तबादलों पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर आयुक्त दीपाली रस्तोगी को ज्ञापन भी सौंपा. इसके बाद अध्यापकों ने आदिवासी विभाग के प्रमुख सचिव मिश्रा को भी ज्ञापन देकर तबादलों पर लगी रोक हटाने की मांग दोहराई.
गौरतलब है कि गैर आदिवासी क्षेत्र से 725 आदिवासी क्षेत्र में पदांकन हुआ है आदिवासी क्षेत्र से गैर आदिवासी क्षेत्र में 435 अध्यापकों का पदांकन हुआ एवं आदिवासी क्षेत्र से आदिवासी क्षेत्र में 290 अध्यापकों का तबादला हुआ है. अध्यापक कार्यमुक्ति पर रोक हटवाने के लिए राजधानी में डेरा जमाए हुए. अध्यापकों ने चेतावनी दी है कि जब तक इन तबादलों पर लगी रोक हटाई नहीं जाती तब तक कोई भी अध्यापक भोपाल से घर वापस नहीं जाएगा.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें