शुक्रवार, 1 फ़रवरी 2019

पुलिस बैंड पर नए स्वरुप में हुआ राष्ट्र गीत, राष्ट्र गान का गायन


मध्यप्रदेश में वंदे मातरम पर पिछले दिनों हुई सियासत के बाद आज पुलिस बैंड की धुन पर सरकार और आमजन ने राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का गायन किया. सौर्य स्मारक से मंत्रालय तक पुलिस बैंड के साथ मंत्रियों के अलावा सैकड़ों लोगों ने मार्च किया और इस दौरान देश भक्ति के नारे भी लगाए गए.
सूबे में महीने की पहली तारीख को होने वाले सामूहिक वंदे मातरम का गायन कमलनाथ सरकार के बनने के बाद 1 जनवरी को नहीं होने से सियासत गर्मा गई थी. भाजपा ने इसे लेकर जमकर विरोध किया और भाजपा के सभी विधायकों के अलावा भाजपा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए अपने-अपने तरीके से वंदे मातरमक का गायन किया था. इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वंद मातरम गायन में बदलाव लाने की बात कही थी. इसके तहत आज 1 फरवरी को नए स्वरुप में वंदे मातरम का गायन मंत्रालय पर हुआ.
 राष्ट्रगीत के गायन के पहले सौर्य स्मारक से सरकार के मंत्रियों के अलावा सैकड़ों की संख्या में आम नाबरिकों के साथ पुलिस बैंड के साथ मार्च निकाला गया. मार्च के दौरान रास्तेभर आम नागरिक इस कारवां से जुड़ा और लोगों में देश भक्ति का जुनून भी देखने में आया. 
मार्च में देशभक्ति के नारे भी लगाए गए. बाद में मंत्रालय पर पहुंचकर सभी ने वंदे मारतम का गायन किया.   सरदार वल्लभ भाई पटेल उद्यान में आयोजित राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान में मुख्यमंत्री कमलनाथ और जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा  के साथ ही बड़ी संख्या में मंत्री, अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए. इस दौरान बड़ी संख्या में आम लोग भी आए. राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान के बाद सभी उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस पहल का स्वागत किया.
देश भक्ति हमारे रग-रग में, किसी के प्रमाण पत्र की जरुरत नहीं
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय पर हुए राष्ट्र गीत और राष्ट्रगान के गायन के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने जब वंदे मातरम गायन में बदलाव किया तो भाजपा इसका विरोध कर रही थी. भाजपा हमें देश भक्ति का पाठ पढ़ाने में लग गई. वह भाजपा जिसके किसी एक सदस्य ने आज तक आजादी के आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया. उन्होंने कहा कि देश भक्ति हमारे रग-रग में बसी है, इसके लिए हमें किसी के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है. 
भाजपा का नुमाइंदा नहीं पहुंचा
कांग्रेस प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि बस अफसोस इस बात का रहा कि खुद को खुद ही देशभक्त कहने वाले भाजपा का एक भी नुमाइंदा इस कार्यक्रम में नजर नहीं आया. भाजपा को इस कार्यक्रम में जिस तरह से आम नागरिकों ने सहभागिता की, उसी तरह राजनैतिक भेदभाव छोड़ सहभागिता दिखाना थी. यह कार्यक्रम दलगत राजनीति से परे था. इससे लगता है कि भाजपा को वन्देमातरम के नाम पर सिर्फ राजनीति करना थी, उसे इसके गायन में कोई रुचि नहीं है.

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