रविवार, 20 मई 2018

दुग्ध उत्पादकों को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा

 प्रादेशिक यादव महाकुंभ में शामिल हुए मुख्यमंत्री 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां प्रादेशिक यादव महाकुंभ में कहा कि दुग्ध उत्पादकों को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध करवाया जायेगा. कम से कम दस दुधारु पशुओं की इकाई को डेयरी का दर्जा दिया जायेगा. चौहान ने इस मौके पर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयप्रताप सिंह यादव और राष्ट्रीय पदाधिकारियों का राज्य की जनता की ओर से स्वागत किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लिये अभिभावक की आय सीमा को 75 हजार से बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया गया है. प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि को दोगुना करने के साथ ही सभी विकासखंडों पर छात्रावास बनवाय जा रहे हैं. विदेशी शिक्षा संस्थानों और मेडिकल, इंजीनियरिंग, प्रबंधन आदि पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने वाले आर्थिक रूप से गरीब परिवारों के बच्चों की फीस राज्य सरकार भरेगी. नि:शुल्क कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के लिये 70 हजार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. स्वरोजगार की योजनायें भी संचालित है. मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में समाज सहयोग करे.
चौहान ने कहा कि यादव समाज स्वाभिमानी समाज है. समाज के मान-सम्मान और शान में वे किसी प्रकार की कमी नहीं आने देंगे. उन्होंने कहा कि बेटियां देवी होती हैं, उनके मान-सम्मान को बनाये रखना समाज का दायित्व है. उन्होंने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कृषि उत्पादकता प्रोत्साहन योजना बनाई है. इस वर्ष गेहूं की खरीदी पर 265 रुपये प्रति क्विंटल के मान से प्रोत्साहन राशि दी जा रही है. यह राशि 10 जून 2018 को किसानों के बैंक खातों में जमा हो जायेगी. चौहान ने बताया कि इस योजनांतर्गत वर्ष 2017 में समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले पंजीकृत किसानों को 200 रुपए प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी गई है. महाकुंभ के प्रारंभ में मुख्यमंत्री चौहान ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की. कार्यक्रम का संचालन यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने किया. इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, राज्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण ललिता यादव, सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष ओम यादव, अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में यादव समाज के महिला-पुरुष उपस्थित थे.

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