भाजपा पिछले 11 वर्षों से हर चुनाव के पूर्व भोपाल-इंदौर में मेट्रो का सपना दिखाती आयी है. अभी भी इस चुनाव के पूर्व भी इसी तरह का कार्य किया जा रहा है. मेट्रो को लेकर अभी तक ना कोई वित्तीय प्रबंध है, ना कोई आवश्यक अनुमतियां. अभी भी पिछले 11 वर्षों से मेट्रो सपना ही है. प्रदेश का खजाना खाली पड़ा है.फिर भी इसके नाम पर गुमराह का खेल जारी है. हर चुनाव के पूर्व जानबूझकर मेट्रो के नाम पर गुमराह करने का खेल वोटों को हथियाने के लिए खेला जाता है. अभी भी सरकार के इशारे पर चंद अधिकारी जानबूझकर मेट्रो को लेकर जमीनो के सर्वे, जमीन चिन्हित करने जेसे व स्टेशन के लिए जमीन देखने जेसे झूठे, दिखावटी कार्य कर, उसे प्रचारित-प्रसारित कर चुनावी अचार संहिता में जनता को प्रभावित, प्रलोभित, गुमराह करने जेसे कार्य कर रहे है. जो कि अचार संहिता का खुला उल्लंघन है. कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि ऐसी भ्रामक खबरों पर अविलंब रोक लगाई जाए. ऐसा करने वाले अधिकारियों पर तुरंत कड़ी कार्यवाही की जाए.
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