प्रदेश कांगे्रस ने मुख्यमंत्री द्वारा विगत 14 अक्तूबर को मुंगावली में आमसभा को संबोधित करते हुए आचार संहिता के खुले उल्लंघन की शिकायत चुनाव आयोग से की है.
कांगे्रस प्रवक्ता और चुनाव आयोग कार्य के प्रभारी जे.पी. धनोपिया ने शिकायत के साथ प्रमाण स्वरूप एक सीडी भी संलग्न की है, जिसमें मुख्यमंत्री मुंगावली में आमसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी को जिताने के लिए मतदाताओं को घोषणा और प्रलोभन देते हुए नजर आ रहे हैं जो कि सीधे-सीधे आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है.
मुख्यमंत्री ने आमसभा में किसानों को सोयाबीन पर पांच सौ रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिए जाने की घोषणा की है. उन्होंने मुंगावली क्षेत्र में सभी घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की घोषणा करते हुए कहा कि लोगों के छह हजार करोड़ रुपए के बिजली के बिल माफ कर दिए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने मतदाताओं को प्रलोभन देते हुए यह भी कहा कि उन्हें पक्का मकान बनाकर दिया जाएगा. उन्होंने प्रसूताओं को चार हजार रुपए पूर्व में और बच्चे के जन्म के बाद 12 हजार रुपए देने की भी घोषणा की.
धनोपिया ने आयोग से आग्रह किया है कि शिवराज सिंह चौहान द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान प्रलोभन देने वाली घोषणाओं पर तत्काल पाबंदी लगायी जाए. उनके विरूद्व आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज किया जाए, ताकि निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान संपन्न हो सके.
कांगे्रस प्रवक्ता और चुनाव आयोग कार्य के प्रभारी जे.पी. धनोपिया ने शिकायत के साथ प्रमाण स्वरूप एक सीडी भी संलग्न की है, जिसमें मुख्यमंत्री मुंगावली में आमसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी को जिताने के लिए मतदाताओं को घोषणा और प्रलोभन देते हुए नजर आ रहे हैं जो कि सीधे-सीधे आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है.
मुख्यमंत्री ने आमसभा में किसानों को सोयाबीन पर पांच सौ रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिए जाने की घोषणा की है. उन्होंने मुंगावली क्षेत्र में सभी घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की घोषणा करते हुए कहा कि लोगों के छह हजार करोड़ रुपए के बिजली के बिल माफ कर दिए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने मतदाताओं को प्रलोभन देते हुए यह भी कहा कि उन्हें पक्का मकान बनाकर दिया जाएगा. उन्होंने प्रसूताओं को चार हजार रुपए पूर्व में और बच्चे के जन्म के बाद 12 हजार रुपए देने की भी घोषणा की.
धनोपिया ने आयोग से आग्रह किया है कि शिवराज सिंह चौहान द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान प्रलोभन देने वाली घोषणाओं पर तत्काल पाबंदी लगायी जाए. उनके विरूद्व आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज किया जाए, ताकि निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान संपन्न हो सके.
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