निर्वाचन आयोग इस बार पेड न्यूज को लेकर प्रदेश के बालाघाट जिले में सबसे ज्यादा चौकस है. इस जिले में 2013 के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा पेड न्यूज के मामले सामने आए थे.
आयोग के अनुसार राज्य के सभी कलेक्टरों और निर्वाचन अधिकारियों एवं रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा सभी विधानसभा क्षेत्रों में पेड न्यूज के संबंधी में कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं. वर्ष 2013 के चुनाव में जिला स्तरीय एमसीएमसी कमेटी के सामने पेड न्यू के 486 मामले आए थे. राज्य स्तरीय एमएसीएमसी व व्यय प्रेक्षक एवं अन्य के द्वारा इन शिकायतों की जांच कराई गई, जिसमें जिला स्तरीय एमसीएमसी कमेटी ने 237 प्रकरणों को पेड न्यूज मानकर रिटर्निंग अधिकारी द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध कर अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें 17 प्रकरणों में अभ्यर्थियों ने उनके पेड-न्यूज व्यय को उनके निर्वाचन व्यय खाते में शामिल किए जाने की स्वीकृति दी थी. इसके अलावा जिला स्तरयी एमसीएमसी कमेटी द्वारा सुनवाई एवं अपील कार्रवाही के बाद 155 प्रकरण में पेड न्यूज माने जाने का फैसला लिया गया था. इस तरह राज्य में वर्ष 2013 में कुल 172 प्रकरण पेड न्यूज के माने गए थे और इन मामलों में व्यय संबंधित अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय खाते में जोड़े गए.
निर्वाचन आयोग के अनुसार राजय में सबसे ज्यादा पेड न्यूज के मामले बालाघाट जिले में बने थे. बालाघाट जिले में 37, उज्जैन जिले में 30, नीमच में 178, रीवा में 14, खंडवा में 13, ग्वालियर में 11, इंदौर में 8, छतरपुर में 6, कटनी में 6 एवं सतना में 4 प्रकरणों को पेड न्यूज मानकार कार्रवाई की गई थी.
आयोग के अनुसार राज्य के सभी कलेक्टरों और निर्वाचन अधिकारियों एवं रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा सभी विधानसभा क्षेत्रों में पेड न्यूज के संबंधी में कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं. वर्ष 2013 के चुनाव में जिला स्तरीय एमसीएमसी कमेटी के सामने पेड न्यू के 486 मामले आए थे. राज्य स्तरीय एमएसीएमसी व व्यय प्रेक्षक एवं अन्य के द्वारा इन शिकायतों की जांच कराई गई, जिसमें जिला स्तरीय एमसीएमसी कमेटी ने 237 प्रकरणों को पेड न्यूज मानकर रिटर्निंग अधिकारी द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध कर अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें 17 प्रकरणों में अभ्यर्थियों ने उनके पेड-न्यूज व्यय को उनके निर्वाचन व्यय खाते में शामिल किए जाने की स्वीकृति दी थी. इसके अलावा जिला स्तरयी एमसीएमसी कमेटी द्वारा सुनवाई एवं अपील कार्रवाही के बाद 155 प्रकरण में पेड न्यूज माने जाने का फैसला लिया गया था. इस तरह राज्य में वर्ष 2013 में कुल 172 प्रकरण पेड न्यूज के माने गए थे और इन मामलों में व्यय संबंधित अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय खाते में जोड़े गए.
निर्वाचन आयोग के अनुसार राजय में सबसे ज्यादा पेड न्यूज के मामले बालाघाट जिले में बने थे. बालाघाट जिले में 37, उज्जैन जिले में 30, नीमच में 178, रीवा में 14, खंडवा में 13, ग्वालियर में 11, इंदौर में 8, छतरपुर में 6, कटनी में 6 एवं सतना में 4 प्रकरणों को पेड न्यूज मानकार कार्रवाई की गई थी.
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