सूरजेवाला ने कहा मामा दूध बिकता है साठ रुपए किलो
कांग्रेस के मीडिया राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके पुत्र कार्तिकेय चौहान पर हमला बोला और कहा कि किसान आज समस्याओं से जूझ रहा है, मुख्यमंत्री के पुत्र का दूध साठ रुपए किलो बिक रहा है, मगर किसान का दूध इस कीमत पर नहीं बिक रहा. उन्होंने कहा कि किसान फांसी पर झूल रहा है, लेकिन भाजपाईयों के खेतों में करोड़ों के अनार, फूल उग रहे हैं.
सुरजेवाला ने ये आरोप आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए लगाए. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान अपनी फसलों के दामों के लिए दर-दर भटक रहा है, प्रदेश के मुखयिा अपने खेतों में करोड़ों के अनार और फूल उगा रहे हैं. न तो उन्हें समर्थन मूल्य की दरकार है और न ही मंडियों में अपनी फसल बिकने का इंतजार है. प्रेदश का एक भी किसान ऐसा नहीं जिसका दूध आज साथ रुपए किलो बिकता हो, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय का सुधामृत दूध अधिकारियों के दबाव में साठ रुपए प्रति लीटर जबरन बिकवाया जा रहा है. मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार में किसानों के नाम पर ऐसी कोई योजना नहीं है, जो भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़ी हो.
प्रदेश ने रोये 1100 करोड़ के प्याज के आंसू
कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ने कहा कि प्याज खरीदी के नाम पर 1100 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ. पहले तो किसानों से खरीद कर गोदामों में रखना बताया, फिर उस प्याज को सढ़ा हुआ बताकर सारा पैसा डकार गये. इतना ही नहीं, एक ऐसा उदाहरण भी सामने आया कि 62 करोड़ की प्याज खरीदी पर 44 करोड़ रुपए हम्माली और परिवहन पर खर्च बता दिया गया.
शिवराज सरकार ने 250 करोड़ के भ्रष्टाचार की दाल गलायी
सुरजेवाला ने कहा कि इसी प्रकार प्याज के बाद 250 करोड़ रुपए का दाल घोटाला सामने आता है. हद तो यह होती है कि हरदा जिले में 3.58 लाख टन मूंग दाल की खरीदी बताई जाती है, जबकि सरकारी दस्तावेजों से पता लगता है कि इतनी बड़ी मात्रा में दाल वहां पैदा ही नहीं होती? 550 रुपए के समर्थन मूल्य पर दाल खरीदी जाती है. किसान सड़कों पर आंदोलन कर रहे होते हैं और किसानों के नाम पर बिचौलिये और जमाखोर अपनी दाल बेंच देते हैं. इतना ही नहीं नरसिंहपुर, हरदा जैसे मध्यप्रदेश में कई जिले हैं, जहां यह घोटाला किया गया है.
किसानों के खाने से भर लिया भाजपा ने भ्रष्टाचारी पेट
सुरजेवााल ने कहा कि मध्यप्रदेश की छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 500 मंडियों में किसानों का भोजन भी भ्रष्टाचारी भाजपा सरकार खा गई. किसानों को नाम मात्र शुल्क पर मंडियों में भोजन उपलब्ध कराने की योजना शिवराज सरकार लेकर तो आई, मगर उसका असली उद्देश्य अन्नदाता को भोजन परोसना नहीं, उनके भोजन के अधिकार का डांका डालना था. किसानों के भोजन के लिये बाकायदा कूपन मुद्रित कराकर किसानों को दिए जाने का प्रावधान है. मगर वह कूपन किसानों को देने की अपेक्षा भ्रष्टाचारी भाजपा सरकार अपनी जेब में रखती है और किसानों का हक खा जाती है.
कृषि पंपों की सब्सिडी से सींचा 50 हजार करोड़ का भाजपाई भ्रष्टाचारी खेत
कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंचाई के लिए प्रयुक्त में आने वाले लगभग 27 लाख पंप बगैर मीटर के हैं, जिसमें पूर्वी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीन 9 लाख, मध्य क्षेत्र में 6 लाख और पश्चिम में 12 लाख. शिवराज सरकार ने यह बताया है कि 1400 रु प्रति फ़्लैट रेट से किसानों से पैसा लेते हैं और किसान 30 दिनों तक 10 घंटे रोज 8 माह कृषि पंप चलाता है और 1790 यूनिट खर्च होती है, और सरकार 4 रुपए 70 पैसे की दर से 5 हार्स पावर का बताती है कि 42065 रुपए का बिल आता है तथा किसान से 1400 रुपए प्रति हार्स पावर के हिसाब से 5 हार्स पावर के 7000 रुपए लिए जाते हैं और बाकी 35065 रुपए की सब्सिडी बताई जा रही है और इस प्रकार इस वर्ष 9000 करोड़ रुपए का कृषि पंप की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है. यह घोटाला बीते लगभग 10 वर्षों से चल रहा है और लगभग 50 हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी का घोटाला हुआ है. पूरे प्रदेश ही क्या, पूरे देश मे ऐसी कोई खेती नहीं जिसमें लगातार 10 घंटे 8 माह तक रोज पानी दिया जाता हो. इसीलिए इन कृषि पम्पों के मीटर निकाल दिए गए हैं और किसानों के नाम पर यह सब्सिडी की लूट जारी है.
कांग्रेस के मीडिया राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके पुत्र कार्तिकेय चौहान पर हमला बोला और कहा कि किसान आज समस्याओं से जूझ रहा है, मुख्यमंत्री के पुत्र का दूध साठ रुपए किलो बिक रहा है, मगर किसान का दूध इस कीमत पर नहीं बिक रहा. उन्होंने कहा कि किसान फांसी पर झूल रहा है, लेकिन भाजपाईयों के खेतों में करोड़ों के अनार, फूल उग रहे हैं.
सुरजेवाला ने ये आरोप आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए लगाए. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान अपनी फसलों के दामों के लिए दर-दर भटक रहा है, प्रदेश के मुखयिा अपने खेतों में करोड़ों के अनार और फूल उगा रहे हैं. न तो उन्हें समर्थन मूल्य की दरकार है और न ही मंडियों में अपनी फसल बिकने का इंतजार है. प्रेदश का एक भी किसान ऐसा नहीं जिसका दूध आज साथ रुपए किलो बिकता हो, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय का सुधामृत दूध अधिकारियों के दबाव में साठ रुपए प्रति लीटर जबरन बिकवाया जा रहा है. मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार में किसानों के नाम पर ऐसी कोई योजना नहीं है, जो भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़ी हो.
प्रदेश ने रोये 1100 करोड़ के प्याज के आंसू
कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ने कहा कि प्याज खरीदी के नाम पर 1100 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ. पहले तो किसानों से खरीद कर गोदामों में रखना बताया, फिर उस प्याज को सढ़ा हुआ बताकर सारा पैसा डकार गये. इतना ही नहीं, एक ऐसा उदाहरण भी सामने आया कि 62 करोड़ की प्याज खरीदी पर 44 करोड़ रुपए हम्माली और परिवहन पर खर्च बता दिया गया.
शिवराज सरकार ने 250 करोड़ के भ्रष्टाचार की दाल गलायी
सुरजेवाला ने कहा कि इसी प्रकार प्याज के बाद 250 करोड़ रुपए का दाल घोटाला सामने आता है. हद तो यह होती है कि हरदा जिले में 3.58 लाख टन मूंग दाल की खरीदी बताई जाती है, जबकि सरकारी दस्तावेजों से पता लगता है कि इतनी बड़ी मात्रा में दाल वहां पैदा ही नहीं होती? 550 रुपए के समर्थन मूल्य पर दाल खरीदी जाती है. किसान सड़कों पर आंदोलन कर रहे होते हैं और किसानों के नाम पर बिचौलिये और जमाखोर अपनी दाल बेंच देते हैं. इतना ही नहीं नरसिंहपुर, हरदा जैसे मध्यप्रदेश में कई जिले हैं, जहां यह घोटाला किया गया है.
किसानों के खाने से भर लिया भाजपा ने भ्रष्टाचारी पेट
सुरजेवााल ने कहा कि मध्यप्रदेश की छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 500 मंडियों में किसानों का भोजन भी भ्रष्टाचारी भाजपा सरकार खा गई. किसानों को नाम मात्र शुल्क पर मंडियों में भोजन उपलब्ध कराने की योजना शिवराज सरकार लेकर तो आई, मगर उसका असली उद्देश्य अन्नदाता को भोजन परोसना नहीं, उनके भोजन के अधिकार का डांका डालना था. किसानों के भोजन के लिये बाकायदा कूपन मुद्रित कराकर किसानों को दिए जाने का प्रावधान है. मगर वह कूपन किसानों को देने की अपेक्षा भ्रष्टाचारी भाजपा सरकार अपनी जेब में रखती है और किसानों का हक खा जाती है.
कृषि पंपों की सब्सिडी से सींचा 50 हजार करोड़ का भाजपाई भ्रष्टाचारी खेत
कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंचाई के लिए प्रयुक्त में आने वाले लगभग 27 लाख पंप बगैर मीटर के हैं, जिसमें पूर्वी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीन 9 लाख, मध्य क्षेत्र में 6 लाख और पश्चिम में 12 लाख. शिवराज सरकार ने यह बताया है कि 1400 रु प्रति फ़्लैट रेट से किसानों से पैसा लेते हैं और किसान 30 दिनों तक 10 घंटे रोज 8 माह कृषि पंप चलाता है और 1790 यूनिट खर्च होती है, और सरकार 4 रुपए 70 पैसे की दर से 5 हार्स पावर का बताती है कि 42065 रुपए का बिल आता है तथा किसान से 1400 रुपए प्रति हार्स पावर के हिसाब से 5 हार्स पावर के 7000 रुपए लिए जाते हैं और बाकी 35065 रुपए की सब्सिडी बताई जा रही है और इस प्रकार इस वर्ष 9000 करोड़ रुपए का कृषि पंप की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है. यह घोटाला बीते लगभग 10 वर्षों से चल रहा है और लगभग 50 हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी का घोटाला हुआ है. पूरे प्रदेश ही क्या, पूरे देश मे ऐसी कोई खेती नहीं जिसमें लगातार 10 घंटे 8 माह तक रोज पानी दिया जाता हो. इसीलिए इन कृषि पम्पों के मीटर निकाल दिए गए हैं और किसानों के नाम पर यह सब्सिडी की लूट जारी है.

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