बीते 1 सप्ताह से गुजरात में काम कर रहे उत्तर भारतीय लोगों का पलायन जारी है. इस पलायन की वजह गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हो रहे लगातार हमले हैं. भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां इस पर केवल राजनीति कर रही हैं पर दरअसल यह इन दोनों पार्टियां ही इसके लिए जिम्मेदार है. सपाक्स ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ की नाकामी है कि मध्यप्रदेश के युवा को भी गुजरात से पलायन करना पड़ रहा है.
सपाक्स पार्टी के उपाध्यक्ष विजय वाते ने जारी वक्तव्य में कहा कि इस घटना के पीछे लगातार कांग्रेस के विधायक अल्पेश ठाकोर का नाम आ रहा है. उनके द्वारा संचालित ठाकोर सेना के लोगों द्वारा लगातार उत्तर भारत के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. गुजरात में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और ऐसे में उस राज्य में सुरक्षा की जिम्मेदारी भाजपा सरकार की ही है, और वे पूरी तरह से मध्यप्रदेश के निवासियों को सुरक्षा प्रदान करने में नाकाम रही है.
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिनका दायित्व है कि प्रदेश के लोग सुरक्षित रहें, उन्होंने इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साधी हुई है, यहां तक कि इस पूरे मुद्दे पर एक बार गुजरात के मुख्यमंत्री या देश के प्रधानमंत्री से बात तक नहीं की है. दूसरी तरफ झूठे दावों और झूठे वादों पर अपनी सरकार बनाने का सपना देखने वाले कमलनाथ भी इस मुद्दे पर चुप हैं. उनकी पार्टी के विधायक द्वारा मध्यप्रदेश के नौकरीपेशा लोगों को गुजरात से मार मार कर भगाया जा रहा है और वे मूकदर्शक बने बैठे हैं. यह मध्यप्रदेश के स्वाभिमान का सवाल है.
वाते ने कहा कि गुजरात भारत का अभिन्न हिस्सा है और मध्यप्रदेश के लोगों को गुजरात में या देश के किसी भी हिस्से में काम करने से कोई नहीं रोक सकता है. भाजपा और कांग्रेसमलकर इस देश की एकता और अखंडता से खिलवाड़ कर रही हैं. दोनों पार्टियां अपने अपने राजनैतिक फायदे के लिए देश में गृह युद्ध जैसे हालात पैदा करना चाहती हैं. सपाक्स पार्टी ऐसे लोगों को बेनकाब करती रहेगी.
जारी किया हेल्पलाइन नंबर
सपाक्स पार्टी की तरफ से गुजरात में काम कर रहे मध्यप्रदेश वासियों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर (99935 20706) जारी किया गया है. सपाक्स पार्टी गुजरात में काम कर रहे मध्यप्रदेश के सभी युवाओं से आव्हान करती है कि वे गुजरात छोड़ कर न जाएं और यदि उन्हें कोई भी समस्या हो तो वे सीधे हेल्पलाइन नंबर (99935 20706) पर संपर्क करें.
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