मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिला सशक्तिकरण मेरे जीवन का मिशन है. इनके कल्याण के लिए मैं जीवनभर कार्य करता रहूंगा.मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण का नया दौर आरंभ हुआ है इसे मैं शिखर तक ले जाऊंगा.
मुख्यमंत्री ने यह बात आज ग्वालियर में राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित कमल शक्ति संवाद कार्यक्रम में कही. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजमाता का जन्मशताब्दी वर्ष पूरे देश में मनाया जाएगा, लेकिन मध्यप्रदेश में यह समारोह आज उनके 100 वें जन्मदिवस से आरंभ होकर पूरे प्रदेश में धूमधाम से वर्ष भर विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा. राजमाता का जन्मशताब्दी वर्ष पूरे देश में मनाया जाएगा, लेकिन मध्यप्रदेश में यह समारोह आज उनके 100 वें जन्मदिवस से आरंभ होकर पूरे प्रदेश में धूमधाम से वर्ष भर विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि आइए अम्मा महाराज की जन्म शताब्दी के पावन अवसर पर हम सभी बहनें संकल्प लें कि हम घर-घर, गांव-गांव जाएंगे और फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए लोगों से समर्थन लेंगे. उन्होंने कहा कि अम्मा महाराज की जन्म शताब्दी वर्ष पर हम संकल्प लेते हैं कि वर्ष 2022-23 तक प्रदेश में कोई भी बहन कच्ची झोपड़ी में नहीं रहेगी, सभी का अपना पक्का मकान होगा.
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण मेरे जीवन का मिशन है. इनके कल्याण के लिए मैं जीवन भर कार्य करता रहूंगा. मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण का नया दौर आरंभ हुआ है इसे मैं शिखर तक ले जाऊंगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने संदेहों को दरकिनार करते हुए बेटियों को पुलिस में भर्ती के लिए आरक्षण दिया. मैं जानता हूं कि बेटियों के हाथ में बंदूक होगी तो गुंडों की छाती छलनी करने में देरी नहीं लगाएंगी. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए मैंने बहनों को स्थानीय निकाय चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दे दिया. मैं गर्व से कह सकता हूं कि प्रदेश में आधे से अधिक स्थानीय निकायों की कमान मेरी बहनों के हाथ में है, जिसे वे पुरुषों से ज्यादा अच्छे तरीके से चला रही हैं.
चौहान ने कहा कि हमने समाज में शुरू से बेटियों साथ भेदभाव होता देखा है, जिसे दूर करना बहुत जरूरी है. बेटा ही हमारे बुढ़ापे का सहारा बनेगा, यह धारणा बिल्कुल गलत है. हमें बेटियों के विकास के लिए प्रयास करते रहना चाहिए.
महिला सशक्तिकरण दौड़ को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राजमाता और संघ के हमारे आदरणीयजनों के पुण्य और त्याग तपस्या के चलते भाजपा इतनी बड़ी पार्टी बनी और हम देश की सेवा कर रहे हैं. राजमाता ने तो विचारधारा के लिए अपना सब कुछ त्याग दिया था. आज राजमाता विजयाराजे सिंधियाजी की जन्म शताब्दी वर्ष के पर ग्वालियर में आयोजित कार्यक्रम में 'महिला सशक्तिकरण दौड़' को झंडी दिखाकर रवाना करना और इसमें शामिल बेटियों का उत्साह देखकर मन गौरवांवित हो गया. उन्होंने कहा कि जब मैं विदिशा से चुनाव में खड़ा हुआ तब राजमाता वहां प्रचार के लिए आई थीं. शानदार वोटों से मैंने जीत हासिल की. यह राजमाता के आर्शीवाद का फल था. वे वास्तव में लोकमाता थी लाखों-लाख कार्यकर्ताओं माता थी वें. राजमाता सभी से बड़े स्नेह से मिलती थीं और उन्हें अपना आशीर्वाद देती थीं. उनके मार्गदर्शन से हम जैसे कार्यकर्ता भी जन सेवा के लिए आगे आ पाए.
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