बुधवार, 17 अक्टूबर 2018

कांग्रेस के ‘वचन पत्र’ पर भाजपा की आपत्ति

कांग्रेस के वचन पत्र पर भाजपा ने आपत्ति जताई है. भाजपा ने कुछ जिला निर्वाचन अधिकारियों से इसकी शिकायत भी की है,वहीं भाजपा की ओर से अब चुनाव आयोग को सीधे इसकी शिकायत किए जाने की तैयारी की जा रही है.
मध्यप्रदेश में चुनाव के नजदीक आते ही शिकवे-शिकायतों का दौर शुरु हो गया है. इसके चलते अब भाजपा कांग्रेस के ‘वचन पत्र’ की शिकायत चुनाव आयोग को करने की तैयारी कर रही है. चुनाव के पहले कांग्रेस द्वारा अपने घोषणा पत्र को ‘वचन पत्र’ नाम दिया गया है. कांग्रेस की ओर से कहा गया था कि  वह इस बार घोषणा नहीं, बल्कि वचन देगी. इसके चलते वह घोषणा पत्र में शामिल सभी बातों के लिए वचनबद्ध रहेगी और उनको पूरा करेगी. कांग्रेस का यह ‘वचन पत्र’ तैयार हो गया है. इस पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की मोहर लगनी शेष है. बताया जा रहा है कि इस वचन पत्र में मंदसौर गोलीकांड के अलावा राहुल गांधी द्वारा की गई घोषणा ‘सरकार बनाते ही ’ 10 दिन में किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा. इसके अलावा अन्य मुद्दे शामिल हैं, जो कांग्रेस जनता के बीच वचन के रुप में लेकर यह बता रही है कि वह कांग्रेस की सरकार बनी तो क्या करेगी. 
भाजपा को ‘वचन पत्र’ में राहुल गांधी की किसानों के कर्ज माफ करने के मामले को लेकर कांग्रेस द्वारा गांव-गांव जाकर वचन पत्र दिए जाने पर आपत्ति है. मंदसौर सभा में राहुल गांधी की घोषणा के बाद से कांग्रेस ने वचन पत्र प्रकाशित कर गांव-गांव जाकर किसानों से उनके कर्ज की जानकारी लेकर उन्हें वचन पत्र दिया जा रहा है, इस वचन पत्र  में यह लिखा जा रहा है कि वह किस किसान का कितना कर्ज माफ करेगी. भाजपा को इस पर आपत्ति है. इस आपत्ति के चलते वह अब चुनाव आयोग को इसकी शिकायत कर रही है. हालांकि खरगोन सहित मालवा के अन्य जिलों में भाजपा के जिला पदाधिकारियों द्वारा इस तरह की शिकायतें पूर्व में जिला निर्वाचन अधिकारी को की जा चुकी हैं. भाजपा का यह आरोप है कि कांग्रेस इस तरह के वचन पत्र भरकर मतदाता को प्रलोभन दे रही है.

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