प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज सवालों की श्रृंखला में प्रदेश के गौ-धन में कमी आने के मामले को लेकर शिवराज सरकार पर करारा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार गौ माता के नाम पर हल्ला को खूब मचाती है, मगर लगातार गौ-धन की कमी पर कुछ नहीं करती. उन्होंने कहा कि हम अगर पंचायत में गौशाला खोलने का वचन दें तो इनका पेट दुखने लगता है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि भाजपा के लोग गौ-माता के नाम पर खूब हल्ला मचाते हैं. हम हर पंचायत में गौ-शाला खोलने का वचन दें, तो इनके पेट दुख जाते हैं. कमलनाथ ने कहा कि मामा सरकार की पोल खोल रही है मोदी सरकार की लाइव स्टाक सेंसस की रिपोर्ट ,जो यह बताती है कि 18 वीं सेंसस में मध्यप्रदेश में गौ-धन की संख्या में भारी कमी आई है. मध्यप्रदेश में 18 वीं सेंसस में 2 करोड़ 19 लाख गौधन था, जो 5 सालों में कम होकर 1 करोड़ 96 लाख रह गया. यानी मामा के शासनकाल में 23 लाख 13 हजार गौ-धन खत्म हो गया. उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान को जवाब दीजिए देना चाहिए कि 23 लाख 13 हजार गौ-धन कहां गया? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भैंसों की संख्या 91 लाख 29 हजार से कम होकर 81 लाख 87 हजार रह गई. मामा को जवाब देना चाहिए कि 9 लाख 41 हजार भैंसें कहाँ गायब हो गयीं? उन्होंने कहा कि सभी तरह के पशुधन में 43 लाख 62 हजार की कमी आई है. क्या मध्यप्रदेश में अवैध कत्लखाने चल रहे हैं ? इतना ही नहीं, शिवराज सिंह की सरकार ने हमारे राज्य की देशी प्रजातियों को खत्म करने का काम किया है. मध्यप्रदेश में 26 लाख 79 हजार देशी प्रजाति के पशु खत्म हो गए. क्या यह सही है कि आपने प्रावधान तो गौ शाला के लिए प्रति गाय लगभग 17 रुपए किया, मगर 2 रु भी खर्च नहीं किए ? उन्होंने कहा कि 2013-14 में सालाना 608 रुपए अनुदान दिया गया, प्रतिदिन के हिसाब से महज 1 रुपए 66 पैसे, 2014-15 में सालाना 635 रुपए अनुदान दिया गया, प्रतिदिन के हिसाब से महज 1 रुपए 73 पैसे, 2015-16 में सालाना 591 रुपए अनुदान दिया गया, प्रतिदिन के हिसाब से महज 1 रुपए 61 पैसे, 2016-17 में सालाना 577 रुपए अनुदान दिया गया, प्रतिदिन के हिसाब से महज 1 रुपए 58 पैसे, 2017-18 में सालाना 679 रुपए अनुदान दिया गया, प्रतिदिन के हिसाब से महज 1 रुपए 86 पैसे. कमलनाथ ने पूछा है कि क्या गौ माता का खाना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया?
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