राजधानी भोपाल के गैस पीड़ितों ने राजधानी के यूनियन कार्बाइड कारखाने के समीप बस्ती में ‘जो मुआवजा दिलाएगा, वोट वहीं ले जाएगा’ के पोस्टर, बैनर लगा दिए हैं. गैस पीड़ितों का कहना है कि वे अपनी लंबी मांग को लेकर संजीदा हुए हैं, इस बार वे उसी पार्टी के पक्ष में मतदान करेंगे, जो उन्हें मुआवजा राशि दिलाएगा.
राजधानी में बुधवार को यूनियन कार्बाइड कारखाने के समीप की बस्तियों में मकानों पर ‘भोपाल गैस पीड़ितों की एक आवाज, पहले मुआवजा फिर पार्टी’ शीर्षक से बैनर, पोस्टर लगाए गए हैं. इनमें नीचे लिखा गया है कि ‘जो मुआवजा दिलाएगा, वोट वहीं ले जाएगा’. गैस पीड़ित पिछले कई वर्षो से मुआवजा सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करते आए हैं, मगर उनकी मांग अब तक पूरी नहीं हुई. गैस पीड़ितों ने अपनी मांग को मनवाने के लिए अब चुनाव को देख दलों से साफ कर दिया है कि जो उनकी मांग पूरी कराएगा, वे उसे ही वोट देंगे. हालांकि पिछले मांग गैस पीड़ितों का नेतृत्व कर रही रचना ढ़ीगरा ने बताया था कि भाजपा और कांग्रेस के पांच नेताओं ने उनसे वादा किया है कि वे चुनाव के बाद उनकी मांग पूरी कराएंगे. रचना ढ़ीकरा का कहना है कि ये नेता गैस पीड़ित बस्तियों में कार्यरत हैं, मगर उनकी ताकत इतनी नहीं है कि वे गैस पीड़ितों के अधिकार दिला सकें, यही वजह है कि गैस पीड़ित अब चुनाव का मौका देकर अपनी मांग पूरी कराने के लिए यह कदम उठा रहे हैं. उनके इस कदम से भाजपा और कांग्रेस नेता दोनों ही चिंतित हुए हैं. विशेषकर चिंता की बात उत्तर विधानसभा, नरेला विधानसभा और मध्य भोपाल विधानसभा सीट के प्रत्याशियों के लिए ज्यादा है. इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में गैस पीड़ित जीत-हार में निर्णायक भूमिका अदा करते हैं.
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