बुधवार, 17 अक्टूबर 2018

जमीनी कार्यकर्ता कटा, विधायकों के खिलाफ आक्रोश



मध्यप्रदेश भाजपा में संघ की रिपोर्ट के बाद हड़कंप मच गया है. संघ ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों को प्रत्याशी चयन के पूर्व सजग करते हुए बताया है कि भाजपा का जमीनी कार्यकर्ता पार्टी और संगठन से कटा है. पार्टी के आधे से अधिक विधायकों के खिलाफ आक्रोश है. संघ ने अपनी राय दी है कि अगर इस आक्रोश से बचना है तो आधे विधायकों के टिकट काटने होंगे.
 संघ ने हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के प्रदेश दौरे पर उनसे चर्चा कर बताया कि भाजपा का कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर कटा हुआ है. कार्यकर्ता के इस रुख के कारण भाजपा को कई स्थानों पर नुकसान उठाना पड़ेगा. शाह की संघ कार्यालय समीधा में क्षेत्र प्रचारक दीपक बिस्पुते और अरुण जैन से चर्चा हुई थी. इस चर्चा में कई मुद्दों पर उन्होंने प्रदेश संगठन की कमियों को गिनाया. इसमें मुख्य रुप से कार्यकर्ताओं के जमीनी स्तर पर कटाव और भाजपा विधायकों के प्रति उनके क्षेत्र में आक्रोश था. संघ ने शाह और प्रदेश संगठन पदाधिकारियों को साफतौर पर कहा कि विधायकों के प्रति जो आक्रोश है, उसे देखते हुए टिकट वितरण में विशेष रुप से ध्यान देना होगा. प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में सर्वे और पदाधिकारियों द्वारा जो राय ली गई उसके आधार पर खरा उतरने वाले कार्यकर्ता को ही टिकट दिया जाए.  संघ के अनुसार भाजपा के आधे विधायकों के खिलाफ उनके क्षेत्रों में मतदाताओं में खासा नाराजगी है. संघ नेताओं की ओर से साफतौर पर कहा गया कि साफ-सुथरी छवि के लोगों को चुनाव में उतारेंगे तो संघ के स्वयंसेवकों को भी भाजपा का सहयोग करने में आसानी होगी.  इसके अलावा संघ नेताओं ने विंध्य, महाकौशल, चंबल, मध्यभारत और मालवा क्षेत्र में आनुषांगिक संगठनों द्वारा जुटाए गए फीडबैक शाह को दिए. शाह के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की भी संघ पदाधिकारियों से मुलाकात हुई है. संघ पदाधिकारियों की सलाह पर अब विजयवर्गीय मालवा अंचल में अपनी सक्रियता दिखाएंगे. बताया जा रहा है कि संघ को सबसे ज्यादा चिंता अपने गढ़ मालवा की हो रही है. यहीं पर भाजपा की ज्यादा स्थिति खराब हुई है. इसके अलावा आरक्षण मुद्दे को लेकर सपाक्स मालवा और ग्वालियर-चंबल अंचल में और आदिवासियों के संगठन जयस के कारण मालवा भाजपा को सर्वाधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.
हर विधानसभा सीट पर स्वयंसेवक होंगे तैनात
विधानसभा चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश में अब संघ ने अपनी सक्रियता दिखाई है. संघ ने भाजपा के पक्ष में खासकर सवर्ण वर्ग के बीच माहौल बनाने के लिए रणनीति तय की है. संघ की इस रणनीति के तहत प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों उसके स्वयं सेवक तैनात किए जाएंगे.  स्वयंसेवकों के साथ-साथ एक समन्वयक भी तैनात होगा.यह समन्वयक भाजपा और संघ के बीच समन्वय बैठाकर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की भूमिका का निर्वाह करेगा. संघ को सबसे बड़ी चिंता सवर्ण वर्ग को साधने की है. संघ ने शाह और प्रदेश संगठन पदाधिकारियों को इस वर्ग के बीच सामंजस्य बैठाते हुए अधिक से अधिक प्रत्याशी सवर्ण वर्ग से मैदान में उतारने की सलाह दी है, ताकि पार्टी के खिलाफ बने माहौल को कम किया जा सके.

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