
आम आदमी पार्टी ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी तैयारियों तेज कर दी है. विधानसभा चुनाव को लेकर जहां कांग्रेस-बीजेपी में टिकटों को लेकर माथापच्ची जारी है, वही आम आदमी पार्टी ने प्रत्याशियों की लिस्ट के बाद अपना आदिवासी घोषणा पत्र जारी कर दिया है. अपने 20 सूत्री आदिवासी घोषणा पत्र में आप ने 5वीं अनुसूची का कड़ाई से पालन करने और आदिवासी इलाकों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे सामने रखे हैं.
घोषणा पत्र जारी करते हुए प्रदेशाध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने कहा कि देश में आदिवासियों के अधिकार सुनिश्चित होने चाहिए. संविधान की पांचवीं अनुसूची, 1996 का पेसा कानून और 2006 में बनाया गया वन अधिकार अधिनियम का तत्काल अक्षरश: पालन होना चाहिए. उन्होंने ऐलान किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनी, तो प्राथमिकता पर आदिवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित करते हुए इन कानूनों को अक्षरश: लागू किया जाएगा. आजादी के बाद भाजपा और कांग्रेस की कई सरकारें बनीं और इन सरकारों ने आदिवासियों से कई वादे भी किए, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ. अब वादों से मुकरने की यह बाजीगरी नहीं चलेगी. आदिवासी समाज संगठित होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएगा. उन्होंने कहा कि अगर मध्य प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है तो पांचवीं अनुसूची, पेसा काूनन और वन अधिकार अधिनियम को लागू किया जाएगा और हर आदिवासी परिवार को पट्टे दिए जाएंगे.उल्लेखनीय है कि अभी तक आप ने 148 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए है, बाकि सीटों पर पार्टी जल्द ही अपने प्रत्याशी घोषित करेगी.
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