मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर जम्मू कश्मीर का मामला भी सरदार वल्लभ भाई पटेल देखते तो कश्मीर का एक तिहाई हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में नही जाता. भोपाल के नवाब और हैदराबाद के निजाम ने गड़बड़ करने की कोशिश की तब लौह पुरुष सरदार पटेल का ही प्रताप था की इन रियासतों को विलय के लिए मजबूर होना पड़ा.
आजाद भारत के पहले गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रालय के सामने वल्लभभाई पटेल पार्क में सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यकर्ता राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को एक बनाए रखने का काम लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया था. भारत का वर्तमान स्वरूप सरदार पटेल के अथक प्रयासों का परिणाम है. उन्होंने देश की पांच सौ रियासतों को मिलाने का काम किया था. भोपाल के नवाब और हैदराबाद के निजाम ने गड़बड़ करने की कोशिश की तब लौह पुरुष सरदार पटेल का ही प्रताप था की इन रियासतों को विलय के लिए मजबूर होना पड़ा.
मुख्यमंत्री ने कहा दुर्भाग्य था कि कश्मीर का मामला सरदार पटेल के पास नही था. यदि जम्मू कश्मीर का मामला भी सरदार वल्लभ भाई पटेल देखते तो कश्मीर का एक तिहाई हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में नही जाता. चौहान ने कहा कि लौह पुरुष सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता के प्रतीक है. आज स्टैच्यू आॅफ यूनिटी का लोकार्पण गुजरात की धरती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों हो रहा है जो पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है.
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाते हुए कहा कि हम संकल्प करे कि अपने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनायें रखने में हम अपने आप को समर्पित करेंगे. जरूरत पड़ी तो अपने देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर कर देंगे लेकिन देश की एकता और अखंडता को कभी टूटने नही देंगे.

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