मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता लागू होने से किसान सबसे ज्यादा परेशान है. उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इस संबंध में किसान खेत मजदूर कांग्रेस के कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष केदार शंकर सिरोही ने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए मुख्य सचिव को पत्र लिखा. सिराही ने अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान में राज्य का किसान समस्याओं से जूझ रहा है. एक तरफ चुनावी आचार संहिता अनुपालन और दूसरी तरफ किसानों की फसल बिक्री और आगामी फसल की बुआई का कार्य है .
उन्होंने पत्र में लिखा है कि चुनाव की आचार संहिता लोकतंत्र के लिए आवश्यक है इसी के साथ राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को संभालना भी सरकार की जवाबदेही है. सिरोही की मांग है कि सभी जिलों में सहकारिता के माध्यम से किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराया जाए. फसल बीमा की गणना में आई त्रुटि की फिर से जांच कराकर वास्तविक लाभ किसानों को दिया जाए. सभी किसानों को सिंचाई हेतु बिजली मिले व सभी मंडियों में किसानो की फसल बिक्री पर नगद भुगतान की व्यवस्था की जाए और सहकारी बैंक से किसानों को फसल बीमा की राशि एवं नगद ऋण दिया जाए.
किसान नेता ने मुख्य सचिव से किसानों के लिए आवश्यक पहल की मांग की है. इसके साथ ही कहा है कि किसानों को अगर सुविधा का लाभ नहीं मिला तो खेती पिछड़ जाएगी लिहाजा किसानों को खाद, बीज, कर्ज और अन्य सुविधाओं को उपलब्ध कराया जाए.
उन्होंने पत्र में लिखा है कि चुनाव की आचार संहिता लोकतंत्र के लिए आवश्यक है इसी के साथ राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को संभालना भी सरकार की जवाबदेही है. सिरोही की मांग है कि सभी जिलों में सहकारिता के माध्यम से किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराया जाए. फसल बीमा की गणना में आई त्रुटि की फिर से जांच कराकर वास्तविक लाभ किसानों को दिया जाए. सभी किसानों को सिंचाई हेतु बिजली मिले व सभी मंडियों में किसानो की फसल बिक्री पर नगद भुगतान की व्यवस्था की जाए और सहकारी बैंक से किसानों को फसल बीमा की राशि एवं नगद ऋण दिया जाए.
किसान नेता ने मुख्य सचिव से किसानों के लिए आवश्यक पहल की मांग की है. इसके साथ ही कहा है कि किसानों को अगर सुविधा का लाभ नहीं मिला तो खेती पिछड़ जाएगी लिहाजा किसानों को खाद, बीज, कर्ज और अन्य सुविधाओं को उपलब्ध कराया जाए.

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