सोमवार, 27 नवंबर 2017

16 लाख से ज्यादा किसानों का हुआ पंजीयन



प्रश्नोत्तर: फसल विक्रय के लिए एफ.ए.क्यू स्तर होना बाध्यता नहीं
 भावांतर योजना के तहत 16 लाख से ज्यादा किसानों ने अपना पंजीयन कराया है. इस योजना के तहत बजट की स्वीकृति अनुपूरक बजट में की जाएगी. यह जानकारी आज राज्य विधानसभा में विधायक हिना लिखीराम कांवरे के प्रश्न के लिखित जवाब में किसान कल्याण मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने दी. मंत्री ने बताया कि 14 नवंबर की स्थिति में प्रदेश में भावांतर योजना के तहत 16,21176 किसानों का पंजीयन किया गया है. विभाग द्वारा द्वितीय अनुपूरक बजट स्वीकृति के लिए अपेक्षित है, इस वजह से अभी योजना के तहत कितना बजट रखा गया है, इसे बताना संभव नहीं है. कृषि मंत्री ने बताया कि भावांतर योजना के अंतर्गत चयनित फसलों के विक्रय के लि एफ.ए.क्यू. स्तर का होने की बाध्यता नहीं है.  कांवरे के एक अन्य प्रश्न के लिखित जवाब में लोक निर्माण मंत्री रामपालसिंह ने बताया कि रजेगांव-लांजी-आमगांव मार्ग की जांच के आधार पर ठेकेदार पर  3,10,118 रुपए का अर्थदंड लगाया गया और राशि वसूली गई. विभागीय जांच के आधार पर 117.41 लाख रुपए राजसात भी किए गए. 
तैयार की जा रही डीपीआर
विधायक सोहनलाल बाल्मीक के प्रश्न के लिखित जवाब में जल संसाधन मंत्री डा. नरोत्तम मिश्र ने बताया कि परासिया विधानसभा क्षेत्र के झुलनदेव जलाशय की साध्यता स्वीकृति 31 मई 2017 को दी गई. सर्वेक्षण कार्य के बाद डीपीआर तैयार की जा रही है. मंत्री ने बताया कि घाटामाली स्टाप डेम की साध्यता 18 अक्तूबर 2016 को दी गई थी. सर्वेक्षण के बाद मुख्य अभियंता बैनगंगा, कछार, सिवनी द्वारा डीपीआर 22 सितंबर 2017 को प्रमुख अभियंता कार्यालय में परीक्षाणाधीन है. परियोजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति नहीं होने से कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है.
जलाशयों के संरक्षण की राशि का भुगतान
विधायक जतन उइके के प्रश्न के लिखित जवाब में जल संसाधन मंत्री डा. नरोत्तम मिश्र ने बताया कि छिंदवाड़ा जिले की पांढुर्णा विधानसभा क्षेत्र में जलाशयों एवं नहरों के रख-रखाव का कार्य शासन द्वारा जल उपभोक्ता संस्थाओं को दिया गया है. इन संस्थाओं को राशि प्रदान की जाती है. मंत्री ने बताया कि पांढुर्णा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत निर्मित 17 जलाशयों के कुल कमाण्ड क्षेत्र 4811.70 हेक्टेयर के लिए 7,69,872 रुपए की राशि का भुगतान जल उपभोक्ता संस्थाओं को किया गया है. वर्तमान में जलाशय एवं नहर अच्छी स्थिति में हैं. बांध एवं नहरों के रख-रखाव व मरम्मत कार्य जल उपभोक्ता संस्था को प्राप्त आवंटन के अनुसार ठीक हो रहा है, इसके लिए कोई अधिकारी दोषी नहीं है.

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