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| के.के. मिश्रा |
कांग्रेस प्रवक्ता मिश्रा ने कहा कि इस प्रायोजित षड़यंत्र के प्रमुख नायक के रूप में जहां उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के चेहरे सामने आए हैं, तब राजपूत नेता केंद्रीय मंत्रीगण राजनाथ सिंह व नरेन्द्र सिंह तोमर, पूरी तरह खामोशी की मुद्रा में हैं. उन्होंने कहा कि 'जबकि फिल्म सेन्सर बोर्ड जिसके नियंत्रण में है. वे केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी हैं, जिन्होंने करण जौहर को यह विश्वास दे डाला है कि पद्मावती के रिलीज को लेकर कोई परेशानी नहीं आएगी, सरकार इसका ध्यान रखेगी ? उन्होंने कहा कि, इसका क्या अर्थ निकाला जाए. यही नहीं चर्चाएं तो इस बात की भी हैं कि इस फिल्म में अंबानी के पैसों का निवेश शामिल है, ऐसी स्थितियों में इस फिल्म को रिलीज किये जाने को लेकर भाजपाई चरित्र समझ से परे हैं. उन्होंने कहा कि अजूबा तो इस बात का है कि जिस विचारधारा की केंद्र में सरकार है, उसी के मंत्री इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं, जिस केंद्रीय सरकार के ही मंत्री अपनी ही सरकार से इस विषयक मांग कर रहे हैं, उसी सरकार के नियंत्रण में कार्य कर रहे फिल्म सेन्सर बोर्ड को ही इस पर निर्णय लेना है, जिसकी मुख्यिा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, फिल्म के रिलीज होने पर परेशानी नहीं आने का फिल्म निर्माता को आश्वासन दे रही हैं और फिल्म में निवेश भी किसका हुआ, यह सभी बिन्दु अनुसंधान और अजीबो-गरीब भाजपाई चरित्र के परिचायक हैं ?
महिला सुरक्षा का काम कब करेंगे मुख्यमंत्री
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| अजय सिंह |
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राष्ट्रमाता पद्मावती के नाम पुरस्कार तो घोषित कर दिया लेकिन उनका जो काम है कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा का वह कब करेंगे? हर दिन इस प्रदेश में महिलाओं, किशोरियों, छात्राओं और नाबालिग बच्चियों की आबरू लुटती है. वे सिर्फ पुरस्कार ही घोषित न करें बल्कि इस प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी दें तो प्रदेश की जनता और कांग्रेस उन्हें पुरस्कार देगी. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा की राजपूत समाज से कोई सिंपेथी नहीं है, यह सारा माजरा गुजरात इलेक्शन में वोटों की धु्रवीकरण के लिए साजिशन पूरे देश में हंगामा खड़ा किया जा रहा है.


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