ओटीपी पूछकर ठगी करने वाली गैंग के सदस्य गिरफ्तार
साइबर पुलिस ने लोगों को ओटीपी पूछकर ठगी करने वाले झारखंड की एक गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. ये सदस्य फर्जी सिम और फर्जी खातों का उपयोग कर लोगों को झांसा देते और उनके खातों से रुपए निकाल लेते थे.
साइबर क्राइम के अनुसार रहटी निवासी भागीरथ प्रसाद ने शिकायत की थी कि उसे फोन पर बैंक का अधिकारी बनकर आधार कार्ड को लिंक कराने के नाम पर कुछ लोगों ने बैंक खाते की जानकारी ली और ओटीपी नंबर जानकार उसके खाते से 55 हजार रुपए निकाल लिए. इस शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरु की. शिकायतकर्ता का स्टेट बैंक खाते के किसान क्रेडिट कार्ड की जानकारी ली गई थी. बदमाशों ने खुद को बैंक का अधिकारी बताया और कहा कि आधार कार्ड लिंक न होने के कारण उनका खाता बंद किया जा रहा है. पुलिस के अनुसार बदमाशों ने ई वालेट कंपनियों के माध्यम से आनलाइन अपने यूनाईटेड बैंक आफ इंडिया की शाखा मधुपुर जिला देवधर राज्य झारखंड में जमा कर बैंकिंग क्योस्क के माध्यम से राशि निकाली थी. साइबर पुलिस ने अपनी टीम के माध्यम से देवघर व अन्य स्थानों पर बदमाशों की तलाशी शुरु की. इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की और नोटिस देकर उन्हें बुलाया. पूछताछ के दौरान आरोपी सुचीत दास निवासी लेड़वा जिला देवघर, सुनील दास निकवासी ग्राम डकडका और नितिश कुमार दास निवासी ग्राम लेडवा जिला देवघर से पूछताछ की गई. इस दौरान तीनों से पुलस ने 28,600 रुपए व एटीएम कार्ड, मोबाईल फोन, सिम कार्ड जब्त किए. बदमाशों ने पुलिस को बताया कि वे देश के कई राज्यों में टेलीफोन कंपनियों के मोबाईल नंबरों की सिरीज पता कर आगे के नंबर बदल-बदल कर लोगों को फोन लगात थे. वे लोगों को अपने आपकों को बैंक का अधिकारी बताकर खातों की जानकारी लेकर ई वालेट कंपनियों के माध्यम से ठगी करते और अपने अनय सहयोगियों के खातों में पैसे जमा करा देते थे.
साइबर क्राइम के अनुसार रहटी निवासी भागीरथ प्रसाद ने शिकायत की थी कि उसे फोन पर बैंक का अधिकारी बनकर आधार कार्ड को लिंक कराने के नाम पर कुछ लोगों ने बैंक खाते की जानकारी ली और ओटीपी नंबर जानकार उसके खाते से 55 हजार रुपए निकाल लिए. इस शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरु की. शिकायतकर्ता का स्टेट बैंक खाते के किसान क्रेडिट कार्ड की जानकारी ली गई थी. बदमाशों ने खुद को बैंक का अधिकारी बताया और कहा कि आधार कार्ड लिंक न होने के कारण उनका खाता बंद किया जा रहा है. पुलिस के अनुसार बदमाशों ने ई वालेट कंपनियों के माध्यम से आनलाइन अपने यूनाईटेड बैंक आफ इंडिया की शाखा मधुपुर जिला देवधर राज्य झारखंड में जमा कर बैंकिंग क्योस्क के माध्यम से राशि निकाली थी. साइबर पुलिस ने अपनी टीम के माध्यम से देवघर व अन्य स्थानों पर बदमाशों की तलाशी शुरु की. इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की और नोटिस देकर उन्हें बुलाया. पूछताछ के दौरान आरोपी सुचीत दास निवासी लेड़वा जिला देवघर, सुनील दास निकवासी ग्राम डकडका और नितिश कुमार दास निवासी ग्राम लेडवा जिला देवघर से पूछताछ की गई. इस दौरान तीनों से पुलस ने 28,600 रुपए व एटीएम कार्ड, मोबाईल फोन, सिम कार्ड जब्त किए. बदमाशों ने पुलिस को बताया कि वे देश के कई राज्यों में टेलीफोन कंपनियों के मोबाईल नंबरों की सिरीज पता कर आगे के नंबर बदल-बदल कर लोगों को फोन लगात थे. वे लोगों को अपने आपकों को बैंक का अधिकारी बताकर खातों की जानकारी लेकर ई वालेट कंपनियों के माध्यम से ठगी करते और अपने अनय सहयोगियों के खातों में पैसे जमा करा देते थे.
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