रविवार, 19 नवंबर 2017

मध्यप्रदेश में तेज हुआ पद्मावति का विरोध, विधायक, सांसद भी उतरे मैदान में

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा पैसों के खातिर इतिहास से खिलवाड़ कर रहे भंसाली 
नंदकुमार सिंह चौहान
फिल्म पद्मावति का विरोध अब मध्यप्रदेश में तेज हो गया है. भाजपा के विधायक और सांसद भी फिल्म के प्रदर्शन को रुकवाने के लिए मैदान में आ गए हैं. करीब 50 से अधिक विधायकों को आशंका   है कि प्रदेश में अगर फिल्म का प्रदर्शन हुआ तो हालात बिगड़ सकते हैं. वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने भी फिल्म प्रदर्शन के विरोध में नजर आ रहे हैं.
मध्यप्रदेश में फिल्म पद्मावति के प्रदर्शन को रोकने के लिए करणी सेना के अलावा राजपूत समाज और भाजपा के विधायक एवं सांसद भी मैदान में आ गए हैं. दो दिन पूर्व हुई प्रदेश भाजपा विधायक दल की बैठक में यह मामला खुलकर सामने आया था, इसके बाद अब विधायक अपने स्तर पर विरोध करते हुए नजर आ रहे हैं. विधायक यह चाहते हैं कि किसी तरह प्रदेश में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लग जाए. फिल्म का लेकर  विधायक सत्यपाल सिंंह ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान से मांग की है कि प्रदेश में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाई जाए. वहीं इंदौर की विधायक उषा ठाकुर भी इसी मांग को लेकर अपना विरोध जता चुकी है. इसके अलावा रीवा के दिव्यराज सिंंह ने भी साफ कहा है कि इतिहास से छेड़छाड़ किया जाना बर्दाश्त नहीं है. भाजपा के करीब 50 से ज्यादा विधायकों को इस बात की आशंका है कि अगर फिल्म का प्रदेश में प्रदर्शन हुआ तो हालात बिगड़ सकते हैं, इसके लिए वे किसी भी तरह से प्रदेश में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं. वहीं करणी सेना के प्रभारी शेरसिंह सिसोदिया ने कहा कि संजय लीला भंसाली ने पद्मावति की छवि धूमिल करने की कोशिश की है. लिहाजा फिल्म का प्रदर्शन हुआ तो ग्वालियर-चंबल संभाग में वे फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने देंगे. वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने फिल्म को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. चौहान ने कहा कि भंसाली पैसों के खातिर इतिहास से खिलवाड़ कर रहे हैं. फिल्मों में इतिहास के साथ खिलवाड़ अब कभी भी न हो इसके लिए वे केन्द्र सरकार से बातचीत करेंगे. 
राजपूत समाज द्वारा कल सोमवार को मंदसौर के विधायक यशपाल सिंंह सिसोदिया के नेतृत्व में एक दल मुख्यमंत्री ने मिलने वाला है. यह दल भी मुख्यमंत्री से फिल्म के प्रदर्शन पर रोक की मांग करेगा. राजपूत समाज के प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व सिसोदिया करेंगे. वहीं इंदौर राजपूत क्लब के अध्यक्ष भानुप्रतापसिंह राठौर भी उनके साथ रहेंगे. राठौर ने बताया कि मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा और उसमें यह बताया जाएगा कि राजस्थान से जुड़े मालवा क्षेत्र क इंदौर, उज्जैन संभाग के इंदौर, उज्जैन, रतलाम जावरा, मंदसौर और नीमच जिलों में फिल्म पद्मावति के प्रदर्शन को लेकर जो स्थिति निर्मित हो रही है, उसे देखते हुए फिल्म पर रोक लगाई जाए. 
सुधीर गुप्ता 
सांसद ने लिखा सेंसर बोर्ड को पत्र
फिल्म पद्मावति का प्रदर्शन  न हो इसके लिए मंदसौर के सांसद सुधीर गुप्ता ने सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को एक पत्र लिखा है. गुप्ता ने अपने पत्र में कहा है कि राजपूत करणी सेना प्रदेश में फिल्म का विरोध कर रही है, इसके अलावा हिन्दू संगठन भी अब विरोध में मैदान में आ रहे हैं. उन्होंने पत्र में कहा कि भारत में फिल्मों का निर्माण स्वच्छ और मनोरंजन को दृष्टिगत रखकर किया जाता है. ऐतिहासिक फिल्में समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करती है. यदि कोई फिल्म तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर बनाई जाती है तो उसे न सिर्फ समाज बल्कि पूरी संस्कृति आहत होती है. ऐसी फिल्मों पर या तो तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए या फिर विवादास्पद दृश्य को हटा दिया जाना चाहिए. इस फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुमति देने के पूर्व इस पर गंभीर रुप से पुनर्विचार करने की जरुरत है.

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