हिन्दू महासभा ने कहा अगर हटाई मूर्ति तो करेंगे आंदोलन
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हिन्दू महासभा द्वारा नाथूराम गोडसे की प्रतिमा की स्थापना करने और मंदिर बनाने की बात कहने का मामला गहरा गया है. इस मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है. हिन्दू महासभा और जिला प्रशासन अब आमने-सामने आ गए हैं. वहीं कांग्रेस भी इस मामले में हिन्दू महासभा का लगातार विरोध कर रही है. कांग्रेस ने आज मौन धरना देकर प्रदर्शन किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा.
हिन्दू महासभा को ग्वालियर जिला प्रशासन ने कांग्रेस के विरोध के बाद नोटिस जारी किया है. जिला प्रशासन ने महासभा के नेता जयवीर भारद्वाज को यह नोटिस दिया है. नोटिस में बिना अनुमति के मंदिर का निर्माण मध्यप्रदेश सार्वजनिक स्थल अधिनियम 2011 के तहत अवैध है. भारद्वाज को नोटिस देकर जिला प्रशासन ने उनसे पांच दिन में जवाब मांगा है. जिला प्रशासन द्वारा दिए नोटिस के बाद हिन्दू महासभा के पदाधिकारी नाराज नजर आए. उन्होंने आज शुक्रवार को आनन-फानन में महासभा के पदाधिकारियों की एक बैठक की. बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर मूर्ति हटाई जाती है तो हिन्दू महासभा पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी. महासभा यह चेतावनी भी दी कि मूर्ति हटाने का बदला महासभा महात्मा गांधी की प्रतिमा को हटाकर लेगी. यहां तक की गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर विरोध जता रही कांग्रेस को भी चेतावनी दी है कि वे विरोध बंद करें. महासभा ने कांग्रेस को यह भी चेतावनी दी है कि वह यह सिद्ध करे कि गांधी राष्ट्रभक्त थे और नाथूराम गोडसे देशद्रोह.
कांग्रेस ने दिया धरना
कांग्रेस द्वारा ग्वालियर में नाथूराम गोडसे के मंदिर बनाए जाने के विरोध में आज प्रदेशभर में मौन धरना दिया गया. धरने के बाद जुलूस की शक्त में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. राजधानी भोपाल में कांग्रेस ने पुरानी विधानसभा में स्थापित गांधी प्रतिमा के सामने सुबह से धरना दिया. दोपहर बाद कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन दिया. इसी तरह इंदौर और ग्वालियर के अलावा पूरे राज्य में कांग्रेस द्वारा मौन धरना देकर प्रदर्शन किया गया.
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हिन्दू महासभा द्वारा नाथूराम गोडसे की प्रतिमा की स्थापना करने और मंदिर बनाने की बात कहने का मामला गहरा गया है. इस मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है. हिन्दू महासभा और जिला प्रशासन अब आमने-सामने आ गए हैं. वहीं कांग्रेस भी इस मामले में हिन्दू महासभा का लगातार विरोध कर रही है. कांग्रेस ने आज मौन धरना देकर प्रदर्शन किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा.
हिन्दू महासभा को ग्वालियर जिला प्रशासन ने कांग्रेस के विरोध के बाद नोटिस जारी किया है. जिला प्रशासन ने महासभा के नेता जयवीर भारद्वाज को यह नोटिस दिया है. नोटिस में बिना अनुमति के मंदिर का निर्माण मध्यप्रदेश सार्वजनिक स्थल अधिनियम 2011 के तहत अवैध है. भारद्वाज को नोटिस देकर जिला प्रशासन ने उनसे पांच दिन में जवाब मांगा है. जिला प्रशासन द्वारा दिए नोटिस के बाद हिन्दू महासभा के पदाधिकारी नाराज नजर आए. उन्होंने आज शुक्रवार को आनन-फानन में महासभा के पदाधिकारियों की एक बैठक की. बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर मूर्ति हटाई जाती है तो हिन्दू महासभा पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी. महासभा यह चेतावनी भी दी कि मूर्ति हटाने का बदला महासभा महात्मा गांधी की प्रतिमा को हटाकर लेगी. यहां तक की गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर विरोध जता रही कांग्रेस को भी चेतावनी दी है कि वे विरोध बंद करें. महासभा ने कांग्रेस को यह भी चेतावनी दी है कि वह यह सिद्ध करे कि गांधी राष्ट्रभक्त थे और नाथूराम गोडसे देशद्रोह.
कांग्रेस ने दिया धरना
कांग्रेस द्वारा ग्वालियर में नाथूराम गोडसे के मंदिर बनाए जाने के विरोध में आज प्रदेशभर में मौन धरना दिया गया. धरने के बाद जुलूस की शक्त में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. राजधानी भोपाल में कांग्रेस ने पुरानी विधानसभा में स्थापित गांधी प्रतिमा के सामने सुबह से धरना दिया. दोपहर बाद कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन दिया. इसी तरह इंदौर और ग्वालियर के अलावा पूरे राज्य में कांग्रेस द्वारा मौन धरना देकर प्रदर्शन किया गया.
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