बुधवार, 15 नवंबर 2017

अब बिजली बिल वसूलेंगी महिलाएं

प्रदेश सरकार अब ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली मीटर रीडिंग, बिल वितरण और संग्रहण की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूहों को देने पर विचार कर रही है. प्रयोग के तौर पर नई व्यवस्था को दिसम्बर माह से राजगढ़, विदिशा, रायसेन जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया जाएगा.
मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान को यह जानकारी ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बैठक में दी. उन्हें बताया गया कि 3 से 5 सदस्यों वाले ग्रामीण महिला स्व-सहायता समूहों को यह जिम्मेदारी दी जाएगी. प्रत्येक 10 गांवों के लिए एक महिला स्व-सहायता समूह होगा. इन समूहों को विदयुत राजस्व की शत-प्रतिशत वसूली करने पर 15 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. समूह को 6 हजार रुपए प्रति माह का मेहनताना भी मिलेगा. 
बैठक में ग्रामीण घरेलू बिजली बिलों के निराकरण के मुददे पर पर भी चर्चा हुई. बैठक में बताया गया कि प्रतिदिन 23 करोड़ यूनिट बिजली की आपूर्ति हो रही है और 2000 मेगावाट बिजली की बैकिंग उपलब्ध है. बिजली की कोई कमी नहीं है. खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने के काम में तेजी लाते हुए अब तक 2050 खराब ट्रांसफार्मरों को बदल दिया गया है. कृषि पंपों को अस्थाई कनेक्शन देने की योजना से 30 हजार किसानों को लाभ मिला है. अस्थाई कनेक्शन की राशि 13 हजार रुपए से घटाकर 8,400 रुपए कर दी गई है. बिलिंग सिस्टम को और ज्यादा प्रभावी बनाया जा रहा है. प्रत्येक जिले को पूर्णत: विद्यतीकृत बनाने की दिशा में काम चल रहा है.

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