कैबिनेट का फैसला, बंद होंगे शराब के अहाते, लीकर को रखेंगे चालू
राज्य सरकार ने आज औंकारेश्वर सहित प्रदेश के सभी तीर्थस्थलों में स्थानीय निकायों द्वारा लिए जाने वाला यात्री कर समाप्त करने का फैसला लिया है. वहीं 1 अप्रैल से शराब के अहाते बंद करने और लीकर चालू रखने का भी निर्णय लिया है. किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पावधि ऋण देने की योजना इस वर्ष भी जारी रहेगी. मंत्रिमंडल की आज हुई बैठक में ये फैसले लिए गए. वित्त मंत्री जयंत मलैया ने केबिनेट बैठक में लिए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि आज हुई बैठक में फैसला किया गया कि औंकारेश्वर सहित प्रदेश के सभी तीर्थस्थलों में स्थानीय निकायों द्वारा लिए जाने वाले यात्री कर को समाप्त किया जाएगा. औंकारेश्वर में यात्री कर समाप्त होने पर स्थानीय निकाय को होने वाली 60 लाख रुपए सालाना की राजस्व हानि की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार करेगी. वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों और मीसाबंदियों को बीमारी के उपचार हेतु जिला कलेक्टर द्वारा दी जाने वाली 20 हजार रुपए की राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपए किया गया है तथा गंभीर बीमारी पर उसके इलाज पर लगने वाली राशि की प्रतिपूर्ति भी जिला कलेक्टर करेंगे. वित्त मंत्री ने बताया कि अगले साल 1 अप्रैल से शराब के अहाते बंद होंगे, लेकिन लिकर शाप जारी रहेंगी.
वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद पहले के कुछ माहों में राजस्व आय में गिरावट आई थी, लेकिन अब यह कमी धीरे-धीरे कम होती जा रही है. उन्होंने कहा कि जीएसटी कौंसिल में पेट्रोल एवं डीजल को भी जीएसटी के तहत लाने पर प्रस्ताव आएगा. अभी इन पर कर लगाने का अधिकार राज्य सरकारों के पास है. वित्त मंत्री ने बताया कि विधानसभा में पेश किए जाने वाले प्रथम पूरक बजट के प्रस्ताव कैबिनेट की अगली बैठक में प्रस्तुत किए जाएंगे तथा इसके बाद यह विधानसभा में रखा जाएगा. वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 51 जिलों में प्रारंभ की जाने वाली मातृवंदन योजना का प्रस्ताव भी कैबिनेट में नहीं आया, क्योंकि यह योजना केंद्र एवं राज्य दोनों की है तथा अब दोनों में समन्वय कर इसे नए सिरे से अगली कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा. उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने तदर्थ और आपात चिकित्सकों को नियमित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी. इस वर्ग में लगभग 70 चिकित्सक ने 1987 में भर्ती हुई थी. उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने ये भी फैसला लिया कि प्रदेश में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि ऋण देने की योजना इस वर्ष भी जारी रहेगी.
नाबालिग गैंगरेप के आरोपी को फांसी का टला प्रस्ताव
मंत्रिमंडल की बैठक में नाबालिग से गैंगरेप के आरोपी को फांसी की सजा देने का प्रस्ताव टाल दिया गया. प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हुई. विधि एवं विधायी विभाग ने इस प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया था, मगर प्रस्ताव में कुछ कमियों के चलते इसे दोबारा वापस कर दिया गया. अब प्रस्ताव में कमियों को दूर कर कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा. इस प्रस्ताव के आने और उसे पारित होने के बाद 10 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामलों में फांसी की सजा सुनाई जा सकेगी. बताया जा रहा है कि इसके लिए सरकार विधानसभा के मानसून सत्र में दंड विधि में संशोधन विधेयक लाएगी.
![]() |
| शिवराजसिंह चौहान |
वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद पहले के कुछ माहों में राजस्व आय में गिरावट आई थी, लेकिन अब यह कमी धीरे-धीरे कम होती जा रही है. उन्होंने कहा कि जीएसटी कौंसिल में पेट्रोल एवं डीजल को भी जीएसटी के तहत लाने पर प्रस्ताव आएगा. अभी इन पर कर लगाने का अधिकार राज्य सरकारों के पास है. वित्त मंत्री ने बताया कि विधानसभा में पेश किए जाने वाले प्रथम पूरक बजट के प्रस्ताव कैबिनेट की अगली बैठक में प्रस्तुत किए जाएंगे तथा इसके बाद यह विधानसभा में रखा जाएगा. वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 51 जिलों में प्रारंभ की जाने वाली मातृवंदन योजना का प्रस्ताव भी कैबिनेट में नहीं आया, क्योंकि यह योजना केंद्र एवं राज्य दोनों की है तथा अब दोनों में समन्वय कर इसे नए सिरे से अगली कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा. उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने तदर्थ और आपात चिकित्सकों को नियमित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी. इस वर्ग में लगभग 70 चिकित्सक ने 1987 में भर्ती हुई थी. उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने ये भी फैसला लिया कि प्रदेश में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि ऋण देने की योजना इस वर्ष भी जारी रहेगी.
नाबालिग गैंगरेप के आरोपी को फांसी का टला प्रस्ताव
मंत्रिमंडल की बैठक में नाबालिग से गैंगरेप के आरोपी को फांसी की सजा देने का प्रस्ताव टाल दिया गया. प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हुई. विधि एवं विधायी विभाग ने इस प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया था, मगर प्रस्ताव में कुछ कमियों के चलते इसे दोबारा वापस कर दिया गया. अब प्रस्ताव में कमियों को दूर कर कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा. इस प्रस्ताव के आने और उसे पारित होने के बाद 10 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामलों में फांसी की सजा सुनाई जा सकेगी. बताया जा रहा है कि इसके लिए सरकार विधानसभा के मानसून सत्र में दंड विधि में संशोधन विधेयक लाएगी.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें