सोमवार, 20 नवंबर 2017

मध्यप्रदेश में पद्मावति के प्रदर्शन पर रोक

शिवराज सिंह चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रानी पद्मावती के जीवन और शौर्य गाथा से संबंधित ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ कर  बनी फिल्म  रानी पद्मावती का प्रदर्शन मध्यप्रदेश की धरती पर नहीं होगा. चौहान आज अपने निवास पर राजपूत क्षत्रिय समाज के लोगों को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी पद्मावती के बलिदान का अपमान देश और प्रदेश स्वीकार नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि भोपाल में रानी पद्मावती की शौर्य गाथा को प्रदर्शित करने स्मारक स्थापित किया जाएगा. भावी पीढ़ी के लिए प्रस्तावित वीर भूमि प्रकल्प में वीरों की शौर्य गाथाओं को प्रदर्शित  किया जाएगा. चौहान ने कहा कि भारत ने दुनिया को वीरता का पाठ पढ़ाया है. भारत के वीरों ने अपनी गरिमा, आत्म-सम्मान और मातृभूमि के लिए प्राणों का बलिदान दिया है. अपने मान-सम्मान की रक्षा के लिए बलिदान देने की भारतवर्ष की अद्भुत वीरगाथाओं का उदाहरण पूरी दुनिया में नहीं मिलता. चौहान ने कहा कि महिलाओं के सम्मान के  लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति को राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार से  सम्मानित किया जाएगा. इसी प्रकार वीरता के लिए महाराणा प्रताप पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. महारानी पद्मावती के सम्मान की रक्षा में विभिन्न जिलों से आए राजपूत समाज के प्रतिनिधि मंडलों ने  रानी पद्मावती के सम्मान और गरिमा  को धूमिल  करने और इतिहास से छेड़छाड़ करने के षड्यंत्र के विरुद्ध मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिए. राज्य भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि पैसों के लिए राष्ट्रमाता पद्मावती के जीवन से संबंधित इतिहास से छेड़छाड़ की गयी है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रमाता पद्मावती ने सिखाया कि राष्ट्र के लिए कैसे जिया जाता है. वे आम भारतीयों की प्रेरणा स्रोत हैं और सिर्फ क्षत्रिय समाज की नहीं, पूरे हिन्दुस्तान की पूज्यनीय हैं.

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