मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन भी मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने महिला अपराध पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया. हंगामें के कारण चार बार कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा, इसके बाद भी जब हंगामा शांत नहीं हुआ तो विधानसभा अध्यक्ष डा. सीतासरण शर्मा ने आज की कार्यवाही निपटाकर सदन गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया.राज्य विधानसभा के तीसरे दिन बुधवार को भी कांग्रेस विधायकों ने तीखे तेवर दिखाए. कांग्रेस विधायक आज भी महिला अपराध को लेकर दिए गए स्थगन पर चर्चा कराने की मांग पर अड़े रहे. सदन में आज की कार्यवाही शुरु होते ही कांग्रेस विधायक अपनी इस मांग को लेकर हंगामा करने लगे. हंगामें के कारण प्रश्नकाल बाधित हुआ. पहले विधानसभा अध्यक्ष डा. सीतासरण शर्मा ने कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिय. इसके बाद फिर कार्यवाही जब शुरु हुई तो कांग्रेस का हंगामा जारी रहा. कांग्रेस विधायक कार्यवाही रोककर भोपाल में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले पर चर्चा कराने की मांग करते रहे. उनका आरोप था कि प्रदेश में हर दिन दुष्कर्म की घटनाएं हो रही है, लेकिन सरकार इन घटनाओं को लेकर गंभीर नहीं है. संसदीय कार्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि इस मुद्दे पर कानून बनाया जा रहा है, सारी कार्रवाई हो चुकी है. इस विषय पर प्रश्नकाल रोककर चर्चा कराने का औचित्य नहीं है. विधानसभा अध्यक्ष डा. शर्मा ने भी कई बार विपक्षी सदस्यों को समझाने का प्रयास किया, मगर हंगामा बढ़ता गया. विपक्षी सदस्य अपनी इस मांग को लेकर गर्भ गृह में भी पहुंचे और हंगामा करते रहे. हंगामें के चलते विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. दोबारा जब सदन समवेत हुआ तो कांग्रेस के डाक्टर गोविंद सिंंह और अन्य विधायक अपने स्थान पर खड़े हुए और फिर से स्थगन पर चर्चा की मांग करने लगे. गोविंद सिंह ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं. कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार की व्यवस्था पूरी तरह से फेल है. ऐसे में इस गंभीर मुद्दे पर सदन में चर्चा कराया जाना जरुरी है. वहीं मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि स्थगन लेने का कोई औचित्य नहीं है. सरकार की ओर से सारी कार्यवाही की जा चुकी है. सरकार दुष्कर्म जैसे मामले मेंं फांसी की सजा देने वाला कानून बना रही है, मगर विपक्ष अपनी बात पर अड़ा रहा. कांग्रेस के बढ़ते हंगामें पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने कहा कि प्रश्नकाल महत्वपूर्ण है, इसे चलने दें, मगर कांग्रेस विधायकों का हंगामा जारी रहा. इस बीच विधानसभा अध्यक्ष ने यह कांग्रेस विधायकों को आश्वस्त किया कि वे महिला सुरक्षा को लेकर ध्यानाकर्षण पर चर्चा करा लेंगे, मगर विपक्ष स्थगन पर ही चर्चा की मांग पर अड़ा रहा. विपक्ष के हंगामें के चलते विधानसभा अध्यक्ष ने आज की कार्यसूची में शामिल विषयों को लिया. इनमें वित्त मंत्री जयंत मलैया ने अनुपूरक अनुदान रखा. इसके बाद अध्यक्ष ने आज की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी.
धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक
विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जब सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी तो कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह के साथ सदन से बाहर विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष पहुंचकर धरना दे दिया. यहां पर कांग्रेस विधायक करीब आधा घंटे तक धरने पर बैठे रहे. कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.
महिलाओं का उत्पीड़न बढ़ रहा, सदन के नेता जश्न मना रहे
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित नहीं है. हर दिन महिलाओं के साथ अपराध हो रहे हैं और सदन के नेता अपना 12 साल का जश्न मनाने में लगे हैं. उन्होंने कहा कि सदन में एक मंत्री हत्या का आरोपी है, आज उन्होंने छुट्टी मार ली है. मंत्री हत्या के आरोपी हैं यह प्रदेश की कानून-व्यवस्था के हाल हैं. सिंह ने कहा कि जब 8 दिन पहले हम स्थगन दे चुके हैं तो सदन में इस मसले पर चर्चा क्यों नहीं कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि क्या हम सदन में कुर्सी गर्म करने के लिए आते हैं. सिंह ने कहा कि 12 साल की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि प्रदेश में प्रजातंत्र नहीं राजतंत्र है. शिवराज महाराज हैं. हम लोग जनता की आवाज सदन में उठाना चाहते हैं, शिवराज उसे दबा देते हैं.
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