मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र कल सोमवार 27 नवंबर से शुरू होगा. सत्र में करीब साढ़े तीन हजार से ज्यादा सवालों से विधायकों ने सरकार को घेरने की तैयारी की है. सत्र में भावांतर योजना, किसान आत्महत्या, महिला अपराध और बिगड़ती कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष सरकार पर तीखे हमले करने की तैयारी में है.विधानसभा के दस बैठकों वाले शीतकालीन सत्र की शुरूआत चित्रकूट विधानसभा से नवनिर्वाचित विधायक नीलांशु चतुर्वेदी की शपथ के साथ होगी. विधायक महेंद्र सिंह कालूखेड़ा और रामसिंह यादव समेत गणमान्य लोगों के निधन का उल्लेख किया जाएगा. श्रद्धांजलि के बाद पहले दिन की कार्रवाई समाप्त हो जाएगी. शीतकालीन सत्र में विधायकों ने 3 हजार 635 प्रश्न किए हैं. इनमें से 1836 तारांकित और 1799 अतारांकित प्रश्न हैं. विधायकों ने इस बार करीब 37 फीसदी से ज्यादा सवाल आॅनलाइन किए हैं. ये संख्या इस सत्र में 1353 पहुंच गई है, जबकि आफलाइन सवालों की संख्या 2282 है. शीतकालीन सत्र में 3 अशासकीय संकल्प और नियम 139 की दो सूचनाएं भी कार्रवाई में शामिल हैं. हाल ही में सरकार की नई रेत नीति पर भी विपक्ष सरकार की घेराबंदी करेगा. ग्वालियर में नाथूराम गोडसे के मंदिर का मुद्दा भी गरमा सकता है.
कांग्रेस ने विधानसभा सचिवावलय में काम रोको प्रस्ताव की सूचना दी है. अब तक भावांतर और गैंगरेप दोनों ही मामलों में 13 स्थगन प्रस्ताव मिल चुके हैं. वहीं 175 ध्यानाकर्षण सूचनाएं भी सचिवालय के पास आ चुकी हैं. किसानों, सड़क निर्माण के अलावा कानून व्यवस्था को लेकर भी कई विधायकों ने ध्यानाकर्षण की सूचनाएं दी हैं.
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र को देखते हुए विधानसभा परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पुलिस के जवानों की तैनाती आज रविवार से की गई. पुलिस के आला अधिकारियों ने आज विधानसभा में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. वहीं जिला प्रशासन ने विधानसभा के आसपास के क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है. सत्र के दौरान इस क्षेत्र में धरने, प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी.
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