शुक्रवार, 10 नवंबर 2017

मेडिकल रिपोर्ट में गलती को स्वास्थ्य मंत्री ने माना बड़ी लापरवाही


रुस्तम सिंंह
छात्रा के साथ गैंगरेप मामले को लेकर आज स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने मेडिकल रिपोर्ट में गलती को बड़ी लापरवाही माना है. वहीं गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंंह ने कहा कि अब इस तरह के मामलों में एमएलसी पैनल से जांच कराने पर विचार किया जा रहा है.
छात्रा के गैंगरेप में चिकित्सकों को नोटिस दिए जाने के बाद उन पर कार्रवाई करने को लेकर दबाव बढ़ रही है. कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. कांग्रेस ने इस मामले में चिकित्सकों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. गैंगरेप मामले की मेडिकल रिपोर्ट को लेकर उठे सवालों पर आज स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंंह घिरते नजर आए. भाजपा कार्यालय पहुंचे सिंह को मीडिया ने घेरा और उनसे जानना चाहा कि इस तरह की गलती पर विभाग क्या कदम उठा रहा है? इस पर मंत्री ने साफ कर दिया कि मेडिकल रिपोर्ट में गलती एक बड़ी लापरवाही है. इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार डाक्टर पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी. उन्होंने कहा कि दोषी कोई भी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगी. गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार अब इस तरह के मामलो ंकी जांच एमएलसी पैनल के द्वारा कराने पर विचार कर रही है. सिंह ने इस तरह की घटना की पुर्नावृत्ति न हो इसकी व्यवस्था की जा रही है. 
कांग्रेस के प्रवक्ता के.के. मिश्रा का कहना है कि पुलिस की ओर से पहले मामले में शिकायत दर्ज न करना और फिर रिपोर्ट के साथ गड़बड़ी साफ जाहिर करती है कि इस केस को रफा-दफा किए जाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है.
ज्यादा काम की वजह से हुई गलती
सुल्तानिया अस्पताल के अधीक्षक डा. करण पीपरे का कहना है कि ज्यादा काम की वजह से गलती हो गयी. अस्पताल अधीक्षक कहते हैं कि ऐसे प्रकरण में जो काफी संवेदनशील है. इसमें एक्सपर्ट ओपिनियन के लिए दो या तीन वरिष्ठ डॉक्टर्स से मेडिकल कराया जाना था. उन्होंने कहा कि जिस बात को लेकर मेडिकल रिपोर्ट पर विवाद खड़ा हुआ है, उस तरह के सवाल पीड़ित से करना पुलिस या कानून का काम है. अस्पताल में मेडिकल करने वाला डाक्टर सिर्फ मेडिकल से संबंधित जानकारी रिपोर्ट में लिखता है.
इंसाफ दिलाने के बजाय पीड़िता को बना दिया आरोपी
कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट गलत देकर डाक्टर ने पीड़िता के साथ भद्दा मजाक किया है. इतने गंभीर मुद्दे पर पहले पुलिस ने गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया और फिर मेडिकल जांच में बड़ी लापरवाही की गई. सिंधिया ने ट्वीट कर कहा कि मध्यप्रदेश सरकार इस अत्यंत गंभीर मामले को मजाक बना चुकी है, पीड़ित छात्रा को इंसाफ दिलाने के बजाय आरोपी बना दिया, बेहद शर्मनाक है. दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए. 

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