पीड़िता से भद्दा मजाक, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी हुए खफा
राजधानी भोपाल में गैंगरेप पीड़ित छात्रा के साथ एक और भद्दा मजाक किया जाना सामने आया है. पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में चिकित्सक द्वारा गैंगरेप के बजाय आपसी सहमति से संबंध बनाना बताया. रिपोर्ट को लेकर जब विरोध हुआ तो दूसरे चिकित्सक से मेडिकल कराया, जिसमें गैंगरेप होना बताया गया है. चिकित्सक की लापरवाही का जब खुलासा हुआ तो मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी इससे खफा हुए. उन्होंने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
राजधानी में पीएससी की तैयारी कर रही छात्रा के साथ बीते दिनों हुए गैंगरेप की घटना में पुलिस की लापरवाही के बाद अब चिकित्सक की लापरवाही सामने आई है. गैंगरेप पीड़िता का पहला मेडिकल परीक्षण सुल्तानिया चिकित्सालय में कराया गया था, जहां महिला चिकित्सक ने अपनी रिपोर्ट में इसे आपसी सहमति से संबंध बनाना बताया. यह मामले में जब बवाल मचा तो दूसरी बार पीड़िता को मेडिकल कराया गया, जिसमें गैंगरेप की पुष्टि हुई. दूसरी रिपोर्ट में चार आरोपियों द्वारा रेप किए जाने की बात कही गई है. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विरोध तो थम गया, मगर पुलिस और चिकित्सकों की लापरवाही सामने आने से लोगों की नाराजगी और बढ़ गई है. मामले को मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान ने भी गंभीर माना और आज दोपहर को उन्होंने कहा कि गैंगरेप मामले में पीड़िता को कटघरे में खड़ी करने वाली रिपोर्ट तैयार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में थाने का विवाद सामने नहीं आना चाहिए. रिपोर्ट तुरंत लिखी जानी चाहिए और उस पर कार्यवाही भी होनी चाहिए.
पूर्व एसपी की बढ़ रही मुसीबत
गैंगरेप मामले में जीआरपी की पूर्व एसपी अनिता मालवीय की मुसीबत अब और बढ़ गई है. तबादला किए जाने के बाद एसपी विभाग की कार्रवाई से नाराज थी, मगर अब उनके द्वारा पीड़िता को लेकर हंस-हंस कर कही बातों को महिला आयोग ने गंभीरता से लिया है. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान को पत्र लिखकर अनिता मालवीय के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की मांग की है. वानखेड़े ने पत्र में जिक्र किया है कि उक्त महिला अधिकारी ने लोक सेवक के कर्तव्यों की अवहेलना की है. उन्होंने का कि अनिता मालवीय का शासन ने तबादला किया है, इससे उनकी प्रवृत्ति में बदलाव नहीं आएगा. इस लिए उन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए.
महिला सुरक्षा को लेकर कोताही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आज मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर साफ कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि जो भी कोताही बरतेगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी मैदान में दिखाई दें, कार्यालय में बैठने से काम नहीं चलेगा.उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी की जिम्मेदारी तय की जाए.
किस भाजपा नेता के इशारे पर हुआ यह
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने इस मामले पर ट्वीट कर कहा कि गैंगरेप जैसे अतिसंवेदनशील मामले में किस भाजपा नेता का फोन टीआई के पास आया था एवं किसके दबाब में मेडिकल रिपोर्ट में सहमति से बनाए संबंध लिखा इन सबकी निष्पक्ष जांच होकर खुलासा होना चाहिए. यादव ने कहा कि शिवराज जी आप कब तक मौन रहोगे ? क्या सिर्फ चुनाव में ही भांजियों की याद आती है ?
मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने वाली चिकित्सक को नोटिस
गैंगरेप मामले में मेडिकल रिपोर्ट को लेकर जब बवाल मचा और इसे मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया तो स्वास्थ्य विभाग की नींद भी खुली. स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में मेडिकल करने वाली चिकित्सक खुशबू गजभिये सहित दो चिकित्सकों को शोकाज नोटिस दिए हैं.
राजधानी भोपाल में गैंगरेप पीड़ित छात्रा के साथ एक और भद्दा मजाक किया जाना सामने आया है. पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में चिकित्सक द्वारा गैंगरेप के बजाय आपसी सहमति से संबंध बनाना बताया. रिपोर्ट को लेकर जब विरोध हुआ तो दूसरे चिकित्सक से मेडिकल कराया, जिसमें गैंगरेप होना बताया गया है. चिकित्सक की लापरवाही का जब खुलासा हुआ तो मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी इससे खफा हुए. उन्होंने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
राजधानी में पीएससी की तैयारी कर रही छात्रा के साथ बीते दिनों हुए गैंगरेप की घटना में पुलिस की लापरवाही के बाद अब चिकित्सक की लापरवाही सामने आई है. गैंगरेप पीड़िता का पहला मेडिकल परीक्षण सुल्तानिया चिकित्सालय में कराया गया था, जहां महिला चिकित्सक ने अपनी रिपोर्ट में इसे आपसी सहमति से संबंध बनाना बताया. यह मामले में जब बवाल मचा तो दूसरी बार पीड़िता को मेडिकल कराया गया, जिसमें गैंगरेप की पुष्टि हुई. दूसरी रिपोर्ट में चार आरोपियों द्वारा रेप किए जाने की बात कही गई है. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विरोध तो थम गया, मगर पुलिस और चिकित्सकों की लापरवाही सामने आने से लोगों की नाराजगी और बढ़ गई है. मामले को मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान ने भी गंभीर माना और आज दोपहर को उन्होंने कहा कि गैंगरेप मामले में पीड़िता को कटघरे में खड़ी करने वाली रिपोर्ट तैयार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में थाने का विवाद सामने नहीं आना चाहिए. रिपोर्ट तुरंत लिखी जानी चाहिए और उस पर कार्यवाही भी होनी चाहिए.
पूर्व एसपी की बढ़ रही मुसीबत
गैंगरेप मामले में जीआरपी की पूर्व एसपी अनिता मालवीय की मुसीबत अब और बढ़ गई है. तबादला किए जाने के बाद एसपी विभाग की कार्रवाई से नाराज थी, मगर अब उनके द्वारा पीड़िता को लेकर हंस-हंस कर कही बातों को महिला आयोग ने गंभीरता से लिया है. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान को पत्र लिखकर अनिता मालवीय के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की मांग की है. वानखेड़े ने पत्र में जिक्र किया है कि उक्त महिला अधिकारी ने लोक सेवक के कर्तव्यों की अवहेलना की है. उन्होंने का कि अनिता मालवीय का शासन ने तबादला किया है, इससे उनकी प्रवृत्ति में बदलाव नहीं आएगा. इस लिए उन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए.
महिला सुरक्षा को लेकर कोताही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आज मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर साफ कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि जो भी कोताही बरतेगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी मैदान में दिखाई दें, कार्यालय में बैठने से काम नहीं चलेगा.उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी की जिम्मेदारी तय की जाए. किस भाजपा नेता के इशारे पर हुआ यह
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने इस मामले पर ट्वीट कर कहा कि गैंगरेप जैसे अतिसंवेदनशील मामले में किस भाजपा नेता का फोन टीआई के पास आया था एवं किसके दबाब में मेडिकल रिपोर्ट में सहमति से बनाए संबंध लिखा इन सबकी निष्पक्ष जांच होकर खुलासा होना चाहिए. यादव ने कहा कि शिवराज जी आप कब तक मौन रहोगे ? क्या सिर्फ चुनाव में ही भांजियों की याद आती है ?
मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने वाली चिकित्सक को नोटिस
गैंगरेप मामले में मेडिकल रिपोर्ट को लेकर जब बवाल मचा और इसे मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया तो स्वास्थ्य विभाग की नींद भी खुली. स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में मेडिकल करने वाली चिकित्सक खुशबू गजभिये सहित दो चिकित्सकों को शोकाज नोटिस दिए हैं.

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