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| के.के. मिश्रा |
मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मिश्रा के खिलाफ यह मामला विशेष सत्र न्यायाधीश काशीनाथ सिंह की अदालत में चल रहा था.मिश्रा ने मुख्यमंत्री शिवराज और उनकी पत्नी साधना सिंह पर व्यापम परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाये थे. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मिश्रा की ट्रायल पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई करते हुए रोक लगाने से इंकार कर दिया था. इसके बाद अब इस पूरे मामले में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. शासन ने 2014 में कांग्रेस प्रवक्ता मिश्रा पर मानहानि का दावा किया था. मानहानि के परिवाद पर कोर्ट में 26 जून को सुनवाई शुरू हुई थी. मिश्रा ने परिवहन आरक्षक भर्ती में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की पत्नी साधना सिंह की भूमिका पर सवाल उठाए थे. मिश्रा को दो वर्ष की सजा और 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है. मिश्रा को इस मामले 50 हजार रुपए के बांड पर जमानत मिल गई है. अदालत का फैसला आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि ‘सत्येन धार्यते पृथ्वी सत्येन तपते रवि:, सत्येन वायवो वान्ति सर्वं सत्ये प्रतिष्ठितम.’

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