मीडिया से की चर्चा, पुलिस पर उठाए सवाल, कहा हमें भटकाती रही पुलिस
राजधानी भोपाल में चार लोगों की दरिंदगी का शिकार हुई छात्रा ने आज अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. पीड़िता ने आज मीडिया के सामने कहा कि आरोपियों को चौराहे पर फांसी की सजा दी जानी चाहिए. उसने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए.
पीड़िता ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वह अपने पिता के साथ एक थाने से दूसरे थाने आरोपियों की शिकायत दर्ज कराने के लिए भटक रही थी,लेकिन कोई भी हमारी बात को गंभीरता से नहीं ले रहा था.पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को जिंदा नहीं छोड़ा चाहिए, उन्हें चौराहे पर उल्टा लटकाकर फांसी दे देनी चाहिए. पीड़िता से मिलने के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनुराधा शंकर उसके घर गई. उन्होंने आरोपियों को पकड़ने में छात्रा के साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि अगर वह हिम्मत नहीं दिखाती तो आरोपी पकड़े नहीं जाते. इस दौरान पीड़िता ने बताया कि वह दुष्कर्म करने वाले राक्षसों से लड़ेगी और उन्हें सजा दिलवाकर ही रहेगी. उसने कहा कि जब वह पुलिस स्टेशन पहुंची तो पुलिस का व्यवहार बहुत ही बुरा था.वह एक थाने से दूसरे थाने तक बार-बार चक्कर लगाती रही, लेकिन कोई भी उसकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं था. इस दौरान उसने बताया कि संस्पेंड हबीबगंज टीआई ने पहली बार उसके मामले को गंभीरता से लिया था और उसकी मदद की थी. पीड़िता के मीडिया के सामने आने और पुलिसप्रणाली पर इस प्रकार से सवाल खड़े करने के बाद पुलिस अधीक्षक रेल अनीता मालवीय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. खुद पीड़िता ने मीडिया से कहा कि उसे यह पता चला कि पुलिस अधीक्षक रेल हंस-हंस कर मीडिया में बयान दे रही थी, मुझे अफसोस है कि वे एक अधिकारी के साथ महिला होने के बाद इस तरह के बयान दे रही थी.
उल्लेखनीय है कि 31 अक्तूबर की शाम हबीबगंज थाना इलाके में रेलवे लाइन के पास कोचिंग क्लास से लौट रही 19 वर्षीय छात्रा को चार बदमाशों ने पहले अगवा किया और बाद में रेलवे लाइन की पुलिया के नीचे ले जाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया. पीड़िता बीएससी की छात्रा है और सिविल सर्विस परीक्षा की कोचिंग ले रही है. रेप के बाद बदमाशों ने लड़की का गला दबाकर मारने की कोशिश भी की. लड़की के बेहोश हो जाने के बाद चारों बदमाश उसे मरा समझकर वहां से फरार हो गए.
एडीजे अनुराधाशंकर मिली पीड़िता से
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनुराधा शंकर ने आज रविवार को पीड़िता से उसके निवास पर मुलाकात की और कहा कि हम पीड़िता के जज्बे को सलाम करते हैं. उन्होंने कहा कि आप बहुत दृढ़ हैं और हम सब आपके साथ हमेशा खड़े हैं. अनुराधा शंकर ने पीड़िता के माता-पिता से कहा कि मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक उनके साथ हुई घटना से बहुत चिंतित हैं. उन्हें शिक्षा में जो भी मदद चाहिए शासन आगे बढ़कर सहायता करेगा. उन्होंने पीड़िता के परिवार को आश्वस्त किया कि पीड़िता को 3 लाख रुपए की आर्थिक मदद जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी.
राजधानी भोपाल में चार लोगों की दरिंदगी का शिकार हुई छात्रा ने आज अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. पीड़िता ने आज मीडिया के सामने कहा कि आरोपियों को चौराहे पर फांसी की सजा दी जानी चाहिए. उसने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए.
पीड़िता ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वह अपने पिता के साथ एक थाने से दूसरे थाने आरोपियों की शिकायत दर्ज कराने के लिए भटक रही थी,लेकिन कोई भी हमारी बात को गंभीरता से नहीं ले रहा था.पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को जिंदा नहीं छोड़ा चाहिए, उन्हें चौराहे पर उल्टा लटकाकर फांसी दे देनी चाहिए. पीड़िता से मिलने के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनुराधा शंकर उसके घर गई. उन्होंने आरोपियों को पकड़ने में छात्रा के साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि अगर वह हिम्मत नहीं दिखाती तो आरोपी पकड़े नहीं जाते. इस दौरान पीड़िता ने बताया कि वह दुष्कर्म करने वाले राक्षसों से लड़ेगी और उन्हें सजा दिलवाकर ही रहेगी. उसने कहा कि जब वह पुलिस स्टेशन पहुंची तो पुलिस का व्यवहार बहुत ही बुरा था.वह एक थाने से दूसरे थाने तक बार-बार चक्कर लगाती रही, लेकिन कोई भी उसकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं था. इस दौरान उसने बताया कि संस्पेंड हबीबगंज टीआई ने पहली बार उसके मामले को गंभीरता से लिया था और उसकी मदद की थी. पीड़िता के मीडिया के सामने आने और पुलिसप्रणाली पर इस प्रकार से सवाल खड़े करने के बाद पुलिस अधीक्षक रेल अनीता मालवीय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. खुद पीड़िता ने मीडिया से कहा कि उसे यह पता चला कि पुलिस अधीक्षक रेल हंस-हंस कर मीडिया में बयान दे रही थी, मुझे अफसोस है कि वे एक अधिकारी के साथ महिला होने के बाद इस तरह के बयान दे रही थी.
उल्लेखनीय है कि 31 अक्तूबर की शाम हबीबगंज थाना इलाके में रेलवे लाइन के पास कोचिंग क्लास से लौट रही 19 वर्षीय छात्रा को चार बदमाशों ने पहले अगवा किया और बाद में रेलवे लाइन की पुलिया के नीचे ले जाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया. पीड़िता बीएससी की छात्रा है और सिविल सर्विस परीक्षा की कोचिंग ले रही है. रेप के बाद बदमाशों ने लड़की का गला दबाकर मारने की कोशिश भी की. लड़की के बेहोश हो जाने के बाद चारों बदमाश उसे मरा समझकर वहां से फरार हो गए.
एडीजे अनुराधाशंकर मिली पीड़िता से
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनुराधा शंकर ने आज रविवार को पीड़िता से उसके निवास पर मुलाकात की और कहा कि हम पीड़िता के जज्बे को सलाम करते हैं. उन्होंने कहा कि आप बहुत दृढ़ हैं और हम सब आपके साथ हमेशा खड़े हैं. अनुराधा शंकर ने पीड़िता के माता-पिता से कहा कि मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक उनके साथ हुई घटना से बहुत चिंतित हैं. उन्हें शिक्षा में जो भी मदद चाहिए शासन आगे बढ़कर सहायता करेगा. उन्होंने पीड़िता के परिवार को आश्वस्त किया कि पीड़िता को 3 लाख रुपए की आर्थिक मदद जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी.

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