बुधवार, 8 नवंबर 2017

खिलाड़ियों की पहले करें काउंसिलिंग, सुधार न हो तो कर दें निष्कासित

मध्यप्रदेश की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि खिलाड़ियों को अनुशासनहीनता करने पर चेतावनी दें, फिर काउंसिलिंग करें और इस पर भी सुधार न हो तो निष्कासित करें. उन्होंने यह निर्देश आज भारतीय हॉकी टीम के पूर्व प्रशिक्षक और राज्य हॉकी अकादमी के नए हाई परफार्मेंस कोच रोलेंट ओल्टमेंस से मध्यप्रदेश में हॉकी के दीर्घकालिक विकास पर चर्चा करते हुए दी. खेल मंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि खिलाड़ियों द्वारा अनुशासनहीनता करने पर पहले उन्हें चेतावनी दें फिर उनकी काउंसिलिंग करें. इस पर भी सुधार नहीं हो, तो तत्काल अकादमी से निष्कासित करें. खेल मंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी अकादमी में कोई खिलाड़ी घायल होता है तो उसे जल्द से जल्द स्पोर्टस क्लीनिक में लाकर तुरंत बेहतर इलाज मुहैया करवाया जाए.
कोच  रोलेंट ओल्टमेंस ने बताया कि हॉकी के दीर्घकालिक विकास के लिए सात-आठ साल की आयु के बच्चों से शुरूआत करना होगा तभी हम निर्धारित लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि बच्चों को हॉकी की बारीकियां रोचक तरीके से सिखाई जा सकती हैं. ओल्टमेंस ने बताया कि बच्चों में एकाग्रता, आत्म-जागरूकता, सकारात्मकता और लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है. 

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