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| लाल सिंह आर्य |
विधायक माखन जाटव हत्याकांड में ग्वालियर हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सामान्य प्रशासन मंत्री लाल सिंह आर्य की मुश्किलें बढ़ गई हैं. आर्य को 5 दिसंबर तक जिला कोर्ट में हाजिर होना है. इस मामले को लेकर कांग्रेस ने उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है.
कांग्रेस विधायक माखन जाटरव की हत्या के मामले में राज्य के सामान्य प्रशासन मंत्री लाल सिंह आर्य द्वारा दायर जमानत याचिका के हाईकोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद उनकी मुसीबत और बढ़ गई है. भिंड पुलिस अब आर्य के जमानती वारंट की तामिली के लिए प्रयास कर रही है, वहीं कांग्रेस ने आर्य और सरकार को घेरने शुरु कर दिया है.प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता के.के.मिश्रा ने उच्च न्यायालय द्वारा प्रदेश के सामान्य प्रशासन मंत्री लालसिंह आर्य की जमानत याचिका खारिज हो जाने के बाद आर्य से इस्तीफा मांगा है. साथ ही आर्य द्वारा इस्तीफा न देने पर उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह से आग्रह किया है कि वे उन्हें मंत्री परिषद से बर्खास्त करने की मांग की है. मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस विधायक माखन लाल जाटव की हत्या के मामले में आर्य एक आरोपी के रूप में चिन्हित किये जा चुके हैं और मामला धारा-302 से सम्बद्ध होकर गंभीर है. लिहाजा,पद पर रहकर वे प्रकरण व साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं. अत:प्रकरण में निर्दोष साबित होने तक उन्हें इस पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नही है. हालांकि वे सुप्रीम कोर्ट भी जा सकते हैं पर यहां से जमानत न मिलने पर उनके सामने कोर्ट में हाजिर होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा.

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