मुख्यमंत्री के रास्ते में बिछाएंगे गुलाब की पखुंडिया, सौंपेंगे तुलसी का पौधा
अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत संविदा कर्मचारी गांधीगिरी दिखाएंगे. महासंघ आंदोलन के तीसरे चरण में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के रास्ते में गुलाब की पंखुड़ियां बिछाने के साथ उनको गुलाब और तुलसी का पौधा भेंट करेंगे.
संविदा कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन के तीसरे चरण में 20 से 30 नवंबर तक मुख्यमंत्री निवास तक 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल रोजाना पद यात्रा कर गांधीगिरी करेंगे, जिसके तहत कर्मचारी, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जिन रास्ते से निकलते हैं, उस रास्ते पर गुलाब की पंखुड़ियां बिछाएंगे और गुलाब का फूल और तुलसी का पौधा भेंट करेंगे. साथ ही संविदा कर्मचारियों की मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे, जिसमें संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, हटाये गये संविदा कर्मचारियों की सेवा बहाली, जिन संविदा कर्मचारियों को आऊट सोर्सिंग पर कर दिया है, उनकी सेवाएं यथावत किए जाने जैसी मांगों का उल्लेख रहेगा. मध्यप्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि प्रत्येक विभागों में 10 से 20 सालों संविदा पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की प्रतिवर्ष संविदा बढ़ोतरी के नाम पर अधिकारियों के द्वारा मनमाने तरीके से मानसिक, शारीरिक, आर्थिक शोषण किया जाता है. संविदा बढ़ाने के कई विभागों और जिला कार्यालयों में रुपए मांगे जाते हैं. संविदा कर्मचारियों का यह कहकर अपमान किया जाता है कि आप संविदा पर हो जब चाहे भगा देंगें. संविदा कर्मचारियों के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है. संविदा कर्मचारियों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है. काम नियमित कर्मचारियों से ज्यादा लिया जाता है वेतन आधा दिया जाता है.
मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि मप्र सरकार ने 200 दिन अतिथि के रूप में पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षकों को अध्यापकों के नियमित पदों में 25 प्रतिशत का आरक्षण दे दिया गया, बिना किसी चयन परीक्षा और योग्यता के नियुक्त हुए गुरूजियों,पंचायत कर्मियों, शिक्षा कर्मियों सीधे नियमित कर दिया गया, लेकिन शासकीय विभागों में प्रतियोगी परीक्षा देकर तथा आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए नियुक्त हुए संविदा कर्मचारी अधिकारियों को जो कि 15-20 सालों से एसपी के समस्त विभागों में कार्य कार्य कर रहे हैं.
दस दिन तक इस तरह दिखाएंगे गांधीगिरी
* पहले दिन तुलसी का पौधा भेंट करेंगे.
* दूसरे दिन गुलाब की पंखड़ियों, गुलाब के फूल के साथ भगवत गीता भेंट की जाएगी.
* तीसरे दिन रामदरबार का फोटो फेंट की जाएगी.
* चौथे दिन साईबाबा का चित्र भेंट करेंगे.
* पांचवें दिन गुरु नानक चित्र भेंट करेंगे.
* छठवें दिन महात्मा गांधी का चित्र भेंट करेंगे.
* सातवें दिन बाबा साहब डा भीमराव आंबेडकर का चित्र भेंट करेंगे
* आठवें दिन आजाद भगत सिंह का चित्र भेंट करेंगे.
* नवें दिन चंद्रशेखर आजाद का चित्र भेंट करेंगे.
* दसवें दिन देवी दुर्गा का चित्र भेंट कर संविदा कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण की मांग करेंगें.
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| रमेश राठौर |
अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत संविदा कर्मचारी गांधीगिरी दिखाएंगे. महासंघ आंदोलन के तीसरे चरण में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के रास्ते में गुलाब की पंखुड़ियां बिछाने के साथ उनको गुलाब और तुलसी का पौधा भेंट करेंगे.
संविदा कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन के तीसरे चरण में 20 से 30 नवंबर तक मुख्यमंत्री निवास तक 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल रोजाना पद यात्रा कर गांधीगिरी करेंगे, जिसके तहत कर्मचारी, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जिन रास्ते से निकलते हैं, उस रास्ते पर गुलाब की पंखुड़ियां बिछाएंगे और गुलाब का फूल और तुलसी का पौधा भेंट करेंगे. साथ ही संविदा कर्मचारियों की मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे, जिसमें संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, हटाये गये संविदा कर्मचारियों की सेवा बहाली, जिन संविदा कर्मचारियों को आऊट सोर्सिंग पर कर दिया है, उनकी सेवाएं यथावत किए जाने जैसी मांगों का उल्लेख रहेगा. मध्यप्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि प्रत्येक विभागों में 10 से 20 सालों संविदा पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की प्रतिवर्ष संविदा बढ़ोतरी के नाम पर अधिकारियों के द्वारा मनमाने तरीके से मानसिक, शारीरिक, आर्थिक शोषण किया जाता है. संविदा बढ़ाने के कई विभागों और जिला कार्यालयों में रुपए मांगे जाते हैं. संविदा कर्मचारियों का यह कहकर अपमान किया जाता है कि आप संविदा पर हो जब चाहे भगा देंगें. संविदा कर्मचारियों के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है. संविदा कर्मचारियों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है. काम नियमित कर्मचारियों से ज्यादा लिया जाता है वेतन आधा दिया जाता है.
मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि मप्र सरकार ने 200 दिन अतिथि के रूप में पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षकों को अध्यापकों के नियमित पदों में 25 प्रतिशत का आरक्षण दे दिया गया, बिना किसी चयन परीक्षा और योग्यता के नियुक्त हुए गुरूजियों,पंचायत कर्मियों, शिक्षा कर्मियों सीधे नियमित कर दिया गया, लेकिन शासकीय विभागों में प्रतियोगी परीक्षा देकर तथा आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए नियुक्त हुए संविदा कर्मचारी अधिकारियों को जो कि 15-20 सालों से एसपी के समस्त विभागों में कार्य कार्य कर रहे हैं.
दस दिन तक इस तरह दिखाएंगे गांधीगिरी
* पहले दिन तुलसी का पौधा भेंट करेंगे.
* दूसरे दिन गुलाब की पंखड़ियों, गुलाब के फूल के साथ भगवत गीता भेंट की जाएगी.
* तीसरे दिन रामदरबार का फोटो फेंट की जाएगी.
* चौथे दिन साईबाबा का चित्र भेंट करेंगे.
* पांचवें दिन गुरु नानक चित्र भेंट करेंगे.
* छठवें दिन महात्मा गांधी का चित्र भेंट करेंगे.
* सातवें दिन बाबा साहब डा भीमराव आंबेडकर का चित्र भेंट करेंगे
* आठवें दिन आजाद भगत सिंह का चित्र भेंट करेंगे.
* नवें दिन चंद्रशेखर आजाद का चित्र भेंट करेंगे.
* दसवें दिन देवी दुर्गा का चित्र भेंट कर संविदा कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण की मांग करेंगें.

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