गुरुवार, 16 नवंबर 2017

मुंगावली, कोलारस की तैयारी में जुटी भाजपा

चित्रकूट उपचुनाव में मिली हार के बाद  भाजपा  अभी से मुंगावली और कोलारस उपचुनाव की तैयारियों में जुट गई है. प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों और संगठन नेताओं के साथ कोलारस में बैठक ली. इस बैठक में चुनावी तैयारियों, जातीय समीकरण और टिकट के दावेदारों के नामों पर विचार किया गया.
चित्रकूट में मिली हार के बाद अब भाजपा कोलारस और मुंगावली में होने वाले उपचुनाव को किसी भी हालत में जीतना चाहती है. भाजपा ने इसके लिए अभी से तैयारी करनी शुरु कर दी है. मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान की मौजूदगी में पूर्व में हुई इलेक्शन सेल की बैठक में मुंगावली और कोलारस चुनाव को लेकर चार-चार मंत्रियों की समिति गठित की थी. कोलारस के लिए गठित समिति में मंत्री उमाशंकर गुप्ता, विश्वास सारंग, रूस्तम सिंह और प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा को रखा गया है. इन नेताओं के साथ आज प्रदेश संगठन मंत्री सुहास भगत ने चर्चा की. बैठक में कोलारस के मंडलस्तर तक के सभी प्रमुख कार्यकर्ताओं को भी बुलाया गया था.
विधायक दल की बैठक आज:  भाजपा विधायक दल की बैठक कल मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित की गई है. इस बैठक में 27 नवंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र की तैयारियों समेत कोलारस और मुंगावली में होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर चर्चा होगी. इसके अलावा बैठक में 19 दिसंबर से शुरू हो रही एकात्म यात्रा का विवरण भी विधायकों को दिया जा सकता है.  अमूमन विधायक दल की बैठक विधानसभा सत्र शुरू होने के एक या दो दिन पहले बुलाई जाती है पर इस बार अचानक बैठक बुलाए जाने से विधायक खुद आश्चर्य में हैं.
यशोधरा से भाजपा ने बनाई दूरी
यशोधरा राजे सिंधिया 
भाजपा के लिए कोलारस और मुंगावली दोनों ही विधानसभा उपचुनाव प्रतिष्ठा बना हुआ है. दोनों ही सीटों को कांग्रेस सांसद ज्योतिरारित्य सिंधिया के प्रभाव वाली माना जाता है. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि भाजपा ने जिन मंत्रियों को इन दोनों सीटों की जिम्मेदारी सौंपी है, उनमें मंंत्री यशोधरा राजे सिंधिया का नाम नहीं है. यशोधरा से दूरी बनाया जाना किसी की समझ नहीं आ रहा है. सूत्रों की माने तो सिंधिया खानदान को लेकर भाजपा के अंदर एक अलग तरह की राजनीति नजर आ रही है.अटेर उपचुनाव में मुख्यमंत्री के बयान के बाद यशोधरा की नाराजगी से सभी अवगत हैं और उनकी मंशा से भी सब परिचित हैं. यही वजह है कि भाजपा उन्हें हाशिए पर लेकर चल रही है. हालांकि दोनों ही विधानसभा क्षेत्र जहां उपचुनाव होना है, वहां विशेषकर कोलारस यशोधरा राजे के प्रभाव वाला क्षेत्र है. जबकि मुंगावली में भी वे दखल रखती है. ऐसे में उनके बजाय अन्य मंत्रियों को वहां की जिम्मेदारी सौंपना सवाल खड़ा कर रहा है.

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