दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और धरनों पर रोक के बाद अब प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि मंत्रालय परिसर में किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी.सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य ने विभागीय समीक्षा बैठक में कहा कि मंत्रालय परिसर में किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन और आंदोलन निषेध है. इस निषेधात्मक आदेश का कड़ाई से पालन होना चाहि, इसके लिए सभी संगठनों को पत्र के माध्यम से सूचित किया जाए कि गरिमा के विरुद्ध कार्य नहीं करें. हालांकि, आर्य ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह रोक आखिर क्यों लगाई जा रही है. मंत्रालय वह स्थान है, जहां मुख्यमंत्री से लेकर सभी मंत्री और सबसे जिम्मेदार अधिकारी बैठते हैं, जो नीतियां बनाने से लेकर फैसले करते हैं. लिहाजा तमाम लोग यहां आकर अपनी समस्या को लेकर आवाज उठाते हैं.
राज्य मंत्री आर्य ने विशेष भर्ती अभियान के जरिये जल्द से जल्द बैकलाग पदों पर भर्ती करने के निर्देश दिए. समीक्षा के दौरान बताया गया कि 8 नवंबर को इस संबंध में अपर मुख्य सचिव के समक्ष सभी विभाग अपने-अपने विभाग की जानकारी देगें. बैठक में बताया गया कि मीसाबंदियों को आवेदन प्रस्तुत करने के लिए अंतिम तिथि 30 नवंबर निर्धारित की गई है. आर्य ने कहा कि न्यायालयीन प्रकरणों में शीघ्र जवाब पेश किये जाएं. उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण-पत्र में लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित जिले को पत्र लिखें. बैठक में बताया गया कि अभी तक 1 करोड़ 25 लाख 91 हजार 63 जाति प्रमाण-पत्र बनाएं गए हैं.
आर्य ने मुख्य तकनीकी परीक्षक सर्तकता संगठन के सुदृढ़ीकरण के लिए कारगर उपाय करने के निर्देश दिए. उन्होंने मंत्रालय की साफ-सफाई व्यवस्था के प्रभावी संचालन के लिए एक दल बनाकर नियमित निरीक्षण कराने के निर्देश दिए. उन्होंने अभिलेखागार में विभागों के अभिलेखों के संरक्षण और विनिष्टीकरण के संबंध में भी चर्चा की. बैठक में विभागीय जांच, परामर्शदात्री समिति, अवमानना के प्रकरण, फाइल ट्रेकिंग सिस्टम, अनुकम्पा नियुक्ति, विधानसभा आश्वासन, प्रश्नोत्तर आदि पर भी चर्चा की गई.
लाल सिंह आर्य ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के 5 प्रकरणों में हितग्राही से फोन पर बात की इसमें सागर के केसली ब्लाक निवासी प्रदीप विश्वकर्मा, सीधी के चुरहट निवासी रघुवंश पटेल और उज्जैन के नन्दकिशोर ने बताया कि जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के संबंध में उनके द्वारा आवेदन किया गया था. इसका निराकरण हो गया है और वे प्रक्रिया से खुश हैं. जबलपुर की पिसन हरी की मंढ़िया निवासी जूली बेगम ने बताया कि उनका गरीबी रेखा का कार्ड आवेदन के तुरंत बाद बन गया है. पन्ना निवासी धीरेन्द्र यादव को अभी तक जाति प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं होने पर मंत्री आर्य ने संबंधित को निर्देशित करने को कहा.
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