मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ तहसील के लसूडल्या रामनाथ ग्राम के प्रहलाद शर्मा वर्षो से परम्परागत तरीकों से सोयाबीन,चना और गेहूं की फसल लिया करते थे. उन्हें इन फसलों से वर्ष भर में ढाई से तीन लाख रुपए तक की आमदनी हो पाती थी. सिंचाई की सुविधा की कमी और मौसम की अनियमितता की वजह से कई बार घाटा भी सहन करना पड़ता था. इस वजह से किसान प्रहलाद ने उद्यानिकी फसल भी लेने का मन बनाया. इसके लिए उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से बातचीत भी की.
किसान प्रहलाद ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की योजना में पाली हाउस तकनीक से खेती करना शुरू किया. इसके लिए उन्होंने करीब 2 करोड़ रुपए का ऋण बैंक से लिया. उन्हें ऋण के साथ उद्यानिकी विभाग की योजना में 67 लाख रुपए का अनुदान भी मिला. किसान प्रहलाद ने पाली हाउस में गुलाब की टाप सीक्रेट किस्म की खेती प्रारंभ की. इससे उन्हें 18 लाख रुपए का मुनाफा हुआ. अब प्रहलाद के अपने खेत में पाली हाउस की संख्या 8 है. इनके पास 3.200 हेक्टेयर कृषि भूमि थी. उद्यानिकी फसल के मुनाफे से उन्होंने एक हेक्टेयर भूमि और खरीद ली है. अपनी कृषि भूमि में ही रहने के लिए मकान भी बना लिया है. किसान प्रहलाद पाली हाउस में गुलाब के फूल के साथ शिमला मिर्च, भिण्डी और ककड़ी की भी खेती कर रहे हैं. प्रहलाद अपने गांव के अन्य किसानों को भी उद्यानिकी फसल लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहे है.
किसान प्रहलाद ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की योजना में पाली हाउस तकनीक से खेती करना शुरू किया. इसके लिए उन्होंने करीब 2 करोड़ रुपए का ऋण बैंक से लिया. उन्हें ऋण के साथ उद्यानिकी विभाग की योजना में 67 लाख रुपए का अनुदान भी मिला. किसान प्रहलाद ने पाली हाउस में गुलाब की टाप सीक्रेट किस्म की खेती प्रारंभ की. इससे उन्हें 18 लाख रुपए का मुनाफा हुआ. अब प्रहलाद के अपने खेत में पाली हाउस की संख्या 8 है. इनके पास 3.200 हेक्टेयर कृषि भूमि थी. उद्यानिकी फसल के मुनाफे से उन्होंने एक हेक्टेयर भूमि और खरीद ली है. अपनी कृषि भूमि में ही रहने के लिए मकान भी बना लिया है. किसान प्रहलाद पाली हाउस में गुलाब के फूल के साथ शिमला मिर्च, भिण्डी और ककड़ी की भी खेती कर रहे हैं. प्रहलाद अपने गांव के अन्य किसानों को भी उद्यानिकी फसल लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहे है.

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