मध्यप्रदेश शासन द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के प्रावधानों के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग का गठन किया गया है. मध्यप्रदेश शासन द्वारा खाद्य आयोग में अध्यक्ष सहित 6 सदस्यों को नियुक्त किया गया है. राज्य खाद्य आयोग का कार्यालय बी विंग, अपर बेसमेंट, सतपुडा भवन, भोपाल में स्थापित है, आयोग द्वारा प्रदेश में संचालित लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम मातृत्व कल्याण योजना एवं मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम की समीक्षा तथा मूल्यांकन किया जाएगा. इन कार्यक्रमों को और सुचारू रूप से संचालित करने के लिये राज्य शासन तथा स्थानीय निकायों को सलाह भी दी जाएगी. आयोग के कार्यक्षेत्र में उपरोक्त चारों कार्यक्रमों कें संबंध में स्वप्रेरणा से अथवा प्राप्त शिकायतो की जांच करने एवं योजनाओं के बेहतर ढंग से संचालन के लिये राज्य शासन तथा स्थानीय निकायों को सलाह देना भी शामिल है. उक्त योजनाओं के संबंध में कलेक्टर एवं जिला शिकायत निवारण प्राधिकारी के आदेश के विरूद्व की गई अपील की सुनवाई भी आयोग द्वारा किया जाना है. राज्य खाद्य आयोग द्वारा उपरोक्त चारो कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को अधिक सुदृढ करने के बारे में अधिकारियो एवं जनप्रतिनिधियों के विचार जानने एवं सुझाव प्राप्त करने हेतु 8 फरवरी को संभाग आयुक्त कार्यालय, इन्दौर के सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई है. बैठक में सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष सहित कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत एवं बच्चों के मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम से जुडे अधिकारियों को उपस्थित होने के लिए निर्देश दिये गये है. शनिवार, 3 फ़रवरी 2018
मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग की बैठक इंदौर में 8 फरवरी को
मध्यप्रदेश शासन द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के प्रावधानों के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग का गठन किया गया है. मध्यप्रदेश शासन द्वारा खाद्य आयोग में अध्यक्ष सहित 6 सदस्यों को नियुक्त किया गया है. राज्य खाद्य आयोग का कार्यालय बी विंग, अपर बेसमेंट, सतपुडा भवन, भोपाल में स्थापित है, आयोग द्वारा प्रदेश में संचालित लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम मातृत्व कल्याण योजना एवं मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम की समीक्षा तथा मूल्यांकन किया जाएगा. इन कार्यक्रमों को और सुचारू रूप से संचालित करने के लिये राज्य शासन तथा स्थानीय निकायों को सलाह भी दी जाएगी. आयोग के कार्यक्षेत्र में उपरोक्त चारों कार्यक्रमों कें संबंध में स्वप्रेरणा से अथवा प्राप्त शिकायतो की जांच करने एवं योजनाओं के बेहतर ढंग से संचालन के लिये राज्य शासन तथा स्थानीय निकायों को सलाह देना भी शामिल है. उक्त योजनाओं के संबंध में कलेक्टर एवं जिला शिकायत निवारण प्राधिकारी के आदेश के विरूद्व की गई अपील की सुनवाई भी आयोग द्वारा किया जाना है. राज्य खाद्य आयोग द्वारा उपरोक्त चारो कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को अधिक सुदृढ करने के बारे में अधिकारियो एवं जनप्रतिनिधियों के विचार जानने एवं सुझाव प्राप्त करने हेतु 8 फरवरी को संभाग आयुक्त कार्यालय, इन्दौर के सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई है. बैठक में सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष सहित कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत एवं बच्चों के मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम से जुडे अधिकारियों को उपस्थित होने के लिए निर्देश दिये गये है.
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें