गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018

निष्पक्ष चुनाव के लिए संघ से जुड़े अधिकारियों को दूर रखें

चुनाव आयोग को माकपा भेजेगी पत्र
मध्यप्रदेश में निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है कि आरएसएस की शाखाओं में जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को विधानसभा चुनाव से दूर रखा जाए. इस आशय की बात मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने  कही. मार्क्सवादी कम्युनिस्टपार्टी के राज्यसचिव जसविंदर सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि  नव वर्ष के शुरू में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के प्रदेश में विभिन्न जिलों में हुए कार्यक्रमों में उन्होंने भाजपा के लिए चुनाव जितवाने के लिए नये स्वयंसेवक देने की बात कही. चुनाव आयोग का मकसद निष्पक्ष चुनाव कराने का है, लेकिन जिन अधिकारियों की निष्ठा पहले से ही आरएसएस के प्रति है उनसे निष्पक्ष चुनाव की आशा नहीं की जा सकती.  उन्होंने बताया कि वे मुख्य चुनाव आयोग को एक पत्र भेज रहे है जिसमें मध्यप्रदेश प्रवास के दौरान मोहन भागवत द्वारा भाजपा को जिताने और लोगों को इस बात का एहसास न हो कि आरएसएस भाजपा के लिए काम कर रहा है, ऐसी नसीहत उन्होंने आरएसएस कार्यकर्ताओं को दी है.  माकपा नेता ने कहा कि भाजपा की गिरती साख को बचाने के लिए प्रदेश में तीव्र साम्प्रदायिक उन्माद पैदा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ऐसे अधिकारियों, कर्मचारियों को चिंहिंत करे जो आरएसएस की शाखाओं में जाते है उन्हें चुनाव से दूर रखा जाए साथ ही आरएसएस जो कि राजनीति में सीधा हस्तक्षेप करती है इस संगठन को राजनैतिक संगठन मानकर राजनैतिक दलो की तरह देश के संविधान के प्रति आस्थावान होना चाहिए. चुनाव आयोग को आरएसएस संगठन से आय के स्रोतों के बारे में जानकारी लेनी चाहिए और इसका राजनैतिक दल के रुप में आयोग पंजीयन करे.  सिंह ने कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया व संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करेंगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग प्रदेश में निष्पक्ष व सौहार्द्रपूर्ण चुनाव कराने के लिए ठोस कदम उठाएगा.

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