मंगलवार, 20 फ़रवरी 2018

सरकारी जमीन का नुकसान हुआ तो होगी कार्रवाई

मध्यप्रदेश के ग्वालियर संभाग में शासकीय जमीन को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग के साथ-साथ उस विभाग की भी है, जिसे जमीन आवंटित है. इसलिए संबंधित विभाग सरकारी जमीन को अतिक्रमण से बचाएं. साथ ही न्यायालय में विचाराधीन जमीन के प्रकरणों में पुख्ता साक्ष्य रखें. यह निर्देश ग्वालियर के कलेक्टर राहुल जैन ने ग्वालियर में अंतरविभागीय समन्वय बैठक में विभागीय अधिकारियों को दिए. उन्होंने कहा विभागीय लापरवाही की वजह से सरकारी जमीन का नुकसान हुआ तो संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे.   बैठक में जैन ने माफी मंदिरों से जुड़ी जमीन के सत्यापन कर उसे सुरक्षित करने की कार्रवाई करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए. उन्होंने कहा जो पुजारी मंदिर की सम्पत्ति का दुरूपयोग कर रहे हैं, उन्हें पद से पृथक करें. कलेक्टर ने सभी एसडीएम को माफी जमीन के प्रकरणों की समीक्षा करने के निर्देश दिए.  कलेक्टर ने कहा सरकार की योजना के तहत हर पंचायत में पीडीएस की दुकान खोलना अनिवार्य है. उन्होंने जिला आपूर्ति नियंत्रक को निर्देश दिए कि नई दुकान पूरी पारदर्शिता के साथ खोली जाए.  जैन ने गेहूं उपार्जन के लिऐ किसानों के पंजीयन और सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए. उन्होंने जिला चिकित्सालय की ई-अस्पताल योजना में नई सुविधाएं जोड़ने और अस्पताल के कायाकल्प की कार्ययोजना पर तेजी से अमल करने की हिदायत सिविल सर्जन को दी. साथ ही विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला चिकित्सालय की विद्युत आपूर्ति 24 घंटे निर्बाध रूप से सुनिश्चित करें. बैठक में अपर कलेक्टर शिवराज वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे. 
कलेक्टर ने बैठक में कहा कि सूखे की स्थिति को ध्यान में रखकर शहर में निजी हैण्डपम्प खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है. उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि नगर निगम क्षेत्र में अब आयुक्त नगर निगम एवं अपर आयुक्त स्तर के अधिकारी की एनओसी मिलने के बाद ही अति आवश्यक होने पर नवीन हैण्डपम्प उत्खनन की अनुमति जारी करें. उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के पेयजल नलकूपों व नल-जल योजनाओं का त्वरित संधारण करने पर भी विशेष जोर दिया. 

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