शनिवार, 3 फ़रवरी 2018

परीक्षा आॅनलाइन कराने से मानव संसाधन और समय की हुई बचत

आईटीआई सेमेस्टर परीक्षाएँ आॅनलाइन करवाने से मानव संसाधन एवं समय की बचत हुई है. देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में वर्ष 2015 से शुरू हुई आॅनलाइन परीक्षाओं में अब तक 6 लाख प्रशिक्षणार्थियों की परीक्षा सफलतापूर्वक हो चुकी है. प्रशिक्षणार्थियों द्वारा प्रश्न-पत्र सबमिट करते ही स्कोर-कार्ड कप्यूटर स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाता है. मानवरहित मूल्यांकन होने के कारण परीक्षा परिणाम की त्रुटियां लगभग नगण्य हो गई हैं. पेपरवर्क का काम लगभग खत्म हो गया है.
तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री दीपक जोशी ने बताया है कि केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री द्वारा वर्ष 2017 में आॅनलाइन परीक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए अन्य राज्यों से इसका अनुकरण करने का आग्रह किया था. परिणाम स्वरूप उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना, गोवा, हरियाणा एवं गुजरात राज्यों के अधिकारियों ने मध्यप्रदेश आकर आॅनलाइन परीक्षा प्रणाली की जानकारी ली. इस कार्य के लिए राज्य को वर्ष 2016 में स्कॉच अवार्ड भी मिल चुका है.  गौरतलब है कि राज्य की विभिन्न आईटीआई के साथ-साथ जेल आईटीआई, पुलिस आईटीआई एवं आर्मी आईटीआई में भी आॅनलाइन परीक्षा करवाई जा रही है. सर्वप्रथम एससीव्हीटी की परीक्षा कराई गई. इसमें 23 हजार प्रशिक्षणार्थी सम्मिलित हुए. इनमें से 70 प्रतिशत प्रशिक्षणार्थी उत्तीर्ण हुए. एससीव्हीटी परीक्षा की सफलता से प्रेरित होकर एनसीव्हीटी की आॅनलाइन परीक्षा फरवरी-2016 से शुरू की गई. इसमें 55 हजार प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए थे. अब तक एससीव्हीटी और एनसीव्हीटी आॅनलाइन परीक्षा में 6 लाख प्रशिक्षणार्थी शामिल हो चुके हैं.

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