शनिवार, 3 फ़रवरी 2018

सिर्फ पढाई करें, बाधाओं की चिंता छोड दें : चौहान

कोचिंग केन्द्रों के आस-पास लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्थानीय माडल स्कूल में प्रेरणा संवाद के बाद विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए और उनकी शंकाओं का समाधान किया. विद्यार्थियों ने लक्ष्य तय करने, समय का प्रबंधन करने, पढ़ाई के लिए दिनचर्या तय करने, स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और अच्छे नंबर लाने का तनाव दूर करने के तरीकों से संबंधित सवाल पूछे. मुख्यमंत्री ने एक शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों के मामा के रूप में सहजता के साथ विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिए और उनकी शंकाओं का समाधान किया.
सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के 11वीं कक्षा के छात्र अंकित पटेल ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री बनने के लिए कोई लक्ष्य तय किया था. इस पर मुख्यमंत्री ने अपने गांव में बचपन में खेती और मजदूरों का मेहनताना बढ़ाने के लिए किए आंदोलन की चर्चा की. उन्होंने कहा कि अन्याय को किसी भी रूप में सहना सही नहीं है. उन्होंने कहा कि किसी भी काम के प्रति लगन और प्रतिबद्धता जरूरी है, यही काम आती है. डी.ए.वी. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टी.टी.नगर की कामर्स संकाय की 12वीं कक्षा की छात्रा दिपांशी पांडे ने स्कूलों में विद्यार्थियों की विशेष रूप से बेटियों की सुरक्षा के संबंध में सवाल किए. मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी सभी उपायों को सुदृढ़ किया गया है. छात्रावासों में प्रवेश द्वार पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाए जा रहे हैं. छात्रावास आने-जाने वाले रास्तों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है. उन्होंने बेटियों की गरिमा को धूमिल करने वाले दरिदों को फांसी की सजा देने के लिए बनाये गए कानूनी प्रावधान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि समाज को भी नैतिक आंदोलन चलाने की आवश्यकता है. इससे सुरक्षा के लिए एक स्वस्थ वातावरण बनेगा.
सिर्फ कर्म पर ध्यान दें
सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के 11वीं के छात्र आनंद लोधी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि एक दिन में बहुत सारे काम करने के बावजूद उन्हें तनाव क्यों नहीं होता. इस पर मुख्यमंत्री ने गीता का श्लोक पढ़ते हुये बताया कि सिर्फ कर्म करने पर हमारा अधिकार है, परिणाम पर नहीं. इसलिए परिणाम पर ध्यान केन्द्रित करने के बजाय अपने कर्म पर ध्यान दें और यही दृष्टि जीवन में अपनाएं तो तनाव नहीं होगा. दसवीं कक्षा की छात्रा पूजा कानस ने मुख्यमंत्री से कहा कि हर स्कूल में खेल सुविधा और खेल के मैदान होना चाहिए. इस पर सहमति व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी जरूरी है. शासकीय विद्यालयों में खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. मन को स्वस्थ रखने के लिए खेलों से जुड़े रहना जरूरी है.
माडल हायर सेकेण्डरी स्कूल के  ऋतिक विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि यदि अच्छे नंबर नहीं आ पाये तो माता-पिता की क्या प्रतिक्रिया होना चाहिए. इस पर मुख्यमंत्री ने सभी अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को किसी भी प्रकार का तनाव नहीं दें. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि माता-पिता केवल लाड़-प्यार के कारण बच्चों को डाटते है ताकि वे सजग और चैतन्य रहें. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि केवल मेहनत और अच्छे से अच्छे प्रदर्शन की कोशिश करें, अच्छे नंबर अवश्य आएंगे.

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