सोमवार, 5 फ़रवरी 2018

लंबित प्रकरणों पर शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश

मध्यप्रदेश के उमरिया जिला कलेक्टर माल सिंह ने राजस्व अधिकारियों की बैठक की में कोर्टवार एवं अनुभागवार समीक्षा की जिसमें अविवादित सीमांकन, बंटवारा, फौती नामांतरण जिन न्यायालयो में अधिक लंबित है उनके प्रति कड़ा रूख अख्यितयार करते हुए शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है.    समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने एक एवं तीन साल से अधिक लंबित राजस्व प्रकरणों के लिए अधिकारियो को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है. इस दौरान मोबाइल एप्प गिरदावली, नक्सा तरमीम, जीओ मैपिंग, सी हेल्पालाइन, राजस्व वसूली, लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा करते हुए चेताया है कि एक सप्ताह के अंदर प्रकरणों का निराकरण कराएं अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहे.     कलेक्टर ने अतिक्रमण की समीक्षा करते हुए राजस्व अधिकारियों से कहा है कि कहीं भी नया अतिक्रमण नही हों, यदि किसी क्षेत्र में अतिक्रमण की शिकायत पाई गई तो संबंधित राजस्व अधिकारियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी. उन्होने भी यह भी कहा है कि यदि कोई शासकीय कर्मचारी शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करते हुए पाया गया तो सेवा से पृथक करने की कार्यवाही की जाएगी.   बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 4486 आवासीय पट्टो का वितरण किया गया है, जिसमें तहसील करकेली में 930, चंदिया में 301 तथा नौरोजाबाद में 3255 शामिल है. इसी प्रकार वास स्थान दखलकार अधिनियम के तहत 177 आवेदन प्राप्त हुए है जिसमें 4 हितग्राहियों को वितरित किया जा चुका है और 173 प्रकरण निर्णय हेतु लंबित है. इसी तरह मानपुर में 222, पाली में 3447, चंदिया में 19824, नौरोजाबाद में 3255 तथा करकेली मे 930 भू अधिकार पत्रों का वितरण किया गया है. राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर ने कहा है कि समस्त लंबित वसूलियों की आर आर सी काटे ताकि मानीटरिंग में सहूलियत हो. उन्होने कहा है कि बडे बकायादारों से पहले वसूली का अभियान चलायें. यदि समझाइश के जरिये राशि नही जमा करें तो ऐसे बकायादारों की चल अचल सम्पत्ति कुर्क कर राशि शासन हित में जमा कराए.    बैठक में पेयजल की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग के कार्यपालन यंत्री को कडे़ निर्देश दिए है कि जिले में संचालित समस्त नल जल योजना एवं हैण्डपंप चालू हालत में हो सुनिश्चित करे. यदि कहीं के हैण्डपंप राइजर पाइप, वासर या अन्य कारणों से पानी देना बंद कर दिए हो तो तीन दिवस के अंदर सुधार कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें. 

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