मध्यप्रदेश के रायसेन कलेक्टर भावना वालिम्बे ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित कर स्वास्थ्य विभाग तथा महिला बाल विकास विभाग की प्रगति की जनपदवार समीक्षा की. इसके साथ ही कलेक्टर वालिम्बे ने कुपोषण, टीकाकरण एवं मध्यान्ह भोजन वितरण की भी विस्तार से समीक्षा की. समीक्षा के दौरान उन्होंने, जिन सेक्टर्स में एनआरसी में भर्ती करने का आकड़ा बहुत कम है वहां के सेक्टर सुपरवाईजर की वेतनवृद्धि रोकने तथा परियोजना अधिकारी को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए. बैठक के दौरान कलेक्टर वालिम्बे ने कहा कि कम वजन तथा अति कम वजन के सभी बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराना सुनिश्चित किया जाए ताकि कुपोषण को समाप्त किया जा सके. उन्होंने कहा कि सभी बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए. साथ ही मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता तथा समय पर वितरण के भी निर्देश दिए हैं. कलेक्टर वालिम्बे ने कहा कि जो आंगनबाड़ी भवन बनकर तैयार हो गए हैं, उनमें आंगनबाड़ी शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं. बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 352 आंगनबाड़ी भवन बनकर तैयार हो गए हैं. महिला सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि 5 फरवरी तक 4261 लाड़ली लक्ष्मियों की एक करोड़ 21 लाख 68 हजार रूपए की राशि लाड़ली लक्ष्मी निधि में जमा कराई जा चुकी है. टीकाकरण की समीक्षा के दौरान उन्होंने गैरतगंज में सबसे कम 78 प्रतिशत टीकाकरण होने के कारणों की विस्तृत जानकारी ली तथा सम्पूर्ण टीकाकरण के लिए माइक्रो प्लान बनाकर काम करने के निर्देश दिए. बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमनवीर सिंह बैस ने मध्यान्ह भोजन के संबंध में कहा कि कहीं से समूह बदलने का प्रस्ताव आता है तो वे उस पर त्वरित कार्यवाही करेंगे. बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमनवीर सिंह बैस, सीएमएचओ डॉ. शशि ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी आरसी त्रिपाठी, महिला सशक्तिकरण अधिकारी संजय गहरवाल सहित महिला बाल विकास विभाग के सभी सुपरवाईजर उपस्थित थे.

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