किसान आंदोलन में जुड़ते जा रहे दल और नेता, चौथे दिन भी जारी रहा धरनामध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाड़रवारा में चल रहे किसान आंदोलन के दौरान अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा अब प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं. सिन्हा राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के नेताओं के साथ धरने पर बैठे थे, मगर अब उनके अनशन को कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी सहित अन्य प्रादेशिक दलों एवं नेताओं का साथ मिल रहा है. सिन्हा का अनशन भाजपा और प्रदेश सरकार के लिए संकट पैदा कर रहा है.
गाड़रवारा में राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के नेतृत्व में पिछले चार दिनों से एनटीपी में भूमि देने वाले किसानों की स्थाई नौकरी और किसानों के साथ पुलिस की बर्बरता और आंदोलनकारियों को जेल में डालकर एससी एसटी एक्ट लगाने एवं गन्ना किसानों के शोषण को लेकर धरना दिया जा रहा है. धरने पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिंन्हा और किसान नेता शिवकुमार शर्मा कक्काजी बैठे हैं. धरने की शुरुआत दोनों नेताओ ंने की. नरसिंहपुर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने शुरु हुआ धरना अब अनिश्चितकालीन हो गया है. सिन्हा के धरने पर बैठने के बाद यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रुप लेता जा रहा है. प्रदेश कांग्रेस की ओर से किसानों के इस धरने को अपना समर्थन दिया है. कांग्रेस नेताओं ने किसानों की मांगों को पूरा करने की बात कही है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने कहा कि किसानों की जायज मांगों को लेकर यह धरना दिया जा रहा है. इस पर प्रशासन और सरकार को गंभीर होकर किसानों की मांगों को पूरा करना चाहिए.
वहीं आम आदमी पार्टी ने भी इस धरने को अपना समर्थन दिया है. आप के प्रदेश संयोजन आलोक अग्रवाल भी शनिवार की शाम को गाडरवारा पहुंचे हैं. वे भी सिन्हा के साथ धरने पर बैठे हैं. इनके अलावा प्रदेश समाजवादी पार्टी और किसान संगठनों से जुड़े नेताओं को धरने को समर्थन मिला है. धरने पर लगातार अन्य प्रादेशिक दलों के नेताओं का पहुंचकर समर्थन देना जारी है. इन नेताओं के पहुंचने से सिन्हा और कक्काजी को ताकत मिली है साथ ही भाजपा और शिवराज सरकार की चिंता भी बढ़ी है.
23 को दिल्ली में घेराव
राष्ट्रीय किसान मजदूर सभा द्वारा प्रदेश और देश के किसानों की मांगों को लेकर 23 फरवरी को दिल्ली में घेराव किया जाएगा. इस घेराव की रणनीति इंदौर में हुई बैठक में बनाई गई. पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा एवं किसान नेता शिवकुमार शर्मा के नेतृत्व में इंदौर में हुई बैठक में बनाई गई. बैठक में तय किया गया कि प्रदेश और देश के किसानों की समस्याओं के निदान एवं किसानों की वर्तमान विषम परिस्थितियों में स्थाई परिवर्तन के लिए लाभकारी मूल्य एवं कर्ज मुक्ति की मांग को लेकर किसान नेता शिवकुमार शर्मा कक्काजी की अगुवाई में आगामी 23 फरवरी को राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ देश की राजधानी दिल्ली का घेराव किया जाए. इस घेराव में देश के 64 किसान संगठन शामिल होंगे. बैठक में आंदोलन पर मंथन किया गया. साथ ही घेराव में पहुंचने वाले लाखों किसानों के रुकने, खाने, पीने के पानी की व्यवस्था और अन्य व्यवस्था कैसे कि जाए इस पर भी रणनीति बनाई गई. साथ ही आंदोलन में अनुशासन कैसे बनाये रखना है,ताकि कोई असामाजिक तत्व शामिल न हो सके. आंदोलन के समय कैसे सभी को अपने-अपने दाईत्वो का पालन करना है,इत्यादि शिक्षा भी पदाधिकारीयो को दी गई.
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