मंगलवार, 20 फ़रवरी 2018

तीन तलाक कानून का विरोध, भोपाल में निकाला पैदल मार्च

तीन तलाक कानून वापस लेने के लिए मुस्लिम महिलाएं आज राजधानी में सड़क पर उतर आर्इं. महिलाओं ने रैली निकाली ओर राज्यपाल को कानून वापस लेने की मांग का ज्ञापन सौंपने जा रही थी, तभी बेरिकेट्स लगाकर पुलिस ने उन्हें रोक दिया. महिलाओं ने एडीएम को ज्ञापन सौंपा और विरोध जताया.
मध्यप्रदेश के उज्जैन के बाद अब  आज राजधानी में तीन तलाक कानून के विरोध में मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के नेतृत्व में प्रदेशभर से आई मुस्लिम महिलाओं ने पैदल मार्च निकाला. महिलाएं नीलम पार्क में एकत्रित हुई और यहां से पैदल मार्च निकालते हुए राजभवन पहुंची. महिलाओं का कहना था कि वे मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के साथ हैं और जबरन उन पर थोपे जा रहे नए कानून का वे विरोध करती हैं. महिलाओं ने कहा कि तीन तलाक बिल मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के तहत आता है. केन्द्र सरकार को काई अधिकार नहीं है कि वे इसे रोकने के लिए नया कानून बनाएं. वे तीन तलाक का समर्थन नहीं करती है, लेकिन सरकार का यह कानून भी उन्हें मंजूर नहीं है. महिलाओं ने कहा कि तीन तलाक जैसी हरकत कुछ ही लोग करते हैं, कुछ लोगों के कारण यह कानून सब पर लागू करना उचित नहीं है. तीन तलाक का विरोध  करने पहुंची महिलाओं का कहना है वे इस मुद्दे पर पर्सनल ला बोर्ड के  साथ हैं. इस्लामी शरीयत हमारी जिंंदगी है, इस्लामी शरीयत हमारी इज्जत है. महिलाओं ने पैदल मार्च निकाल राजभवन जा रही थी, तभी रास्ते में उन्हें पुलिस और जिला प्रशासन ने बेरिकेट्स लगाकर रोक दिया. यहां पर महिलाओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और तीन तलाक कानून का विरोध जताया.
महिलाओं ने चेतावनी भी दी कि आज राजधानी में मुस्लिम समाज की चंद महिलाएं सड़क पर उतरी हैं, मगर केन्द्र सरकार ने कानून में बदलाव या शरीयत में दखल दी तो पूरे देश की मुस्लिम महिलाएं सड़क पर उतरेंगी और इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा.


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