मंगलवार, 20 मार्च 2018

मंत्री पुत्र ने प्रीति को माना पत्नी, पहुंचा अस्थि संचय में

मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह के बेटे गिरिजेश प्रताप सिंह ने चौतरफा दबाव के चलते आखिर प्रीति रघुवंशी को अपने पत्नी मान लिया है. गिरिजेश प्रताप सिंह आज मंगलवार को मृतिका प्रीती रघुवंशी के अस्थि शंचय कार्यक्रम में शामिल हुए. मंत्री रामपाल सिंह लगातार यह बात दोहरा रहे हैं कि उनके बेटे गिरिजेश का प्रीति से किसी प्रकार का संबंध नहीं है.  कल सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री रामपाल सिंह ने कहा था कि प्रीति रघुवंशी उनकी बहू नहीं है.  प्रीती के घर वाले लगातार यह मांग करते रहे हैं कि मंत्री रामपाल सिंह और उनके बेटे गिरिजेश प्रताप सिंह पर प्रीति को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज हो. साथ ही वह यह भी मांग कर रहे हैं कि गिरिजेश, प्रीति को अपनी ब्याहता पत्नी मानें.
इस बीच गिरिजेश प्रताप सिंह और प्रीती के चाचा के बीच हुई मोबाइल पर बातचीत का एक आॅडियो सामने आया है. इस आॅडियो में गिरिजेश, प्रीति के चाचा को यह बता रहा है कि उसे प्रीति  को अपनाने के लिए घर से इजाजद नहीं मिल रही है. उल्टा उसे धमकाया जा रहा है कि पैतिृक संपत्ति से उसे बेदखल कर दिया जाएगा.
वहीं मंत्री रामपाल सिंह ने आज विधानसभा में पुत्र के अस्थि संचय में पहुंचने को लेकर कहा कि अगर उनके पुत्र ने प्रीति को पत्नी माना है, तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है, वैसे अभी उनकी उनके पुत्र से कोई चर्चा नहीं हुई है. वहीं इस मामले में मीडिया से चर्चा करते हुए गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि अभी जांच चल रही है, जांच पूरी न होने तक किसी पर आरोप नहीं लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच रायसेन पुलिस कर रही है. वहीं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने कहा कि ऐसे मामलों में व्यक्ति की छवि खराब होती है. मेरे पोते ने मीणा समाज की बेटी से लव मेरिज की तो मैंने उसे स्वीकार किया.

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