कांग्रेस कर रही थी स्थगन प्रस्ताव के जारिए चर्चा की मांग
राज्य विधानसभा में आज लोकनिर्माण मंत्री रामपाल सिंह की बहू के द्बारा आत्महत्या किए जाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ इसके चलते विधानसभा की कार्रवाई कल बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई. दिवंगतों को श्रद्बांजलि के बाद जैसे ही विधान समवेत हुई, तो नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने बिना तर्क किए विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा से आग्रह किया कि कांग्रेस की तरफ से एक स्थगन प्रस्ताव दिया है जिस पर चर्चा कराई जाना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष का यह कहना था कि संसदीय कार्यमंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह प्रश्नकाल है. मामले को शून्य काल में रख सकते हैं. इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मामले को देख लेेंगे. इस पर फिर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मामला तो देखकर लाए हैं. नेता प्रतिपक्ष के साथ ही कांग्रेस के दूसरे सदस्यों रामनिवास रावत, मुकेश नायक आदि के द्बारा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के लिए तर्क प्रस्तुत किए जाने पर संसदीय कार्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा और गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह बारी-बारी से खड़े होकर कांग्रेस के हमलों को सरकार का बचाव करने लगे. डा. नरोत्तम ने कहा कि इस बारे में सरकार का पक्ष भी सुना जाना चाहिए तो गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि गृहमंत्री के नाते कुछ कह रहा हूं, घटना दु:खद है. पूरे प्रकारण पर पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है. जब तक जांच पूरी न हो जाए तब तक चर्चा नही होंना चाहिए. इस पर कांग्रेस के मुकेश नायक ने कहा कि इसमें जांच के लिए क्या है. एक महिला की मृत्यु हुई है. कांग्रेस के रामनिवास रावत ने बहस को आगे बढ़Þाते हुए कहा कि पहले भी ऐसा हो चुका है कि प्रश्नकाल को रोककर स्थगन प्रस्ताव लिए गए.
वहीं संसदीय कार्यमंत्री डा. मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस की आपसी कलह के लिए सदन का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए. कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे के मामले में पहले चर्चा क्यों नहीं हुई. अंर्तकलह के कारण कांग्रेसी इस मामले को सदन में लाना चाह रहे हैं. इसी वाद-विवाद के बीच जब शोर शराबा बढ़Þने लगा तो पहले विधानसभा की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित की गई. इसके बाद जब फिर सदन समवेत हुआ, तो नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित कांग्रेस विधायक स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग करने लगे. मांग न माने जाने पर कांग्रेसी विधायक नारे बाजी करते हुए गर्भगृह में कांग्रेस सदस्यों की नारे बाजी के बीच नरोत्तम मिश्र और भूपेन्द्र सिंह लगातार सदन की कार्यवाही चलाने की बात करते रहे पर जब बात नहीं बनी तो विधानसभा की कार्यवाही पुन: 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई. 10 मिनट बाद विधानसभा की कार्यवाही प्रारंभ होते ही फिर प्रतिपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तकरार व नारेबाजी शुरू हो गई. इसके चलते फिर 12 बजे तक कार्यवाही स्थगित कर दी गई . विधानसभा की कार्यवाही प्रारंभ हुई तो स्पीकर ने शोर शराबे को अनसुना करते हुए सरकारी कामकाज शुरू करते हुए मध्यप्रदेश मोटर स्परिट उपकर विधेयक 2018 एवं म.प्र. हाई स्पीड डीजल उपकर विधेयक 2018 को वित्तमंत्री जयंत मलैया ने रखा जो हवानिमत से पारित हो गया. इस पर कांग्रेस ने यह कहते हुए बहिर्गमन कर दिया कि उनको सुने बिना सरकारी कामकाज करवाया जा रहा है जो गलत है. एक बार फिर विधानसभा के आधा घंटा स्थगित होंने के बाद फिर आज का लंबित कामकाज करते हुए तेरह विभागों की मांगों को हवनिमत से बिना चर्चा के पारित करते हुए सदन की कार्यवाही कल बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है.
मंत्री का नाम नहीं
विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होंने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए संसदीय कार्यमंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस जबरन मंत्री पर निशाना लगा रही है. आत्महत्या करने वाली प्रीति के द्बारा छोड़ी गई चिट्ठी में उनका नाम नहीं है और न उसके परिवार जनों ने ऐसा कोई बयान दिया है कि मंत्री इसके लिए जिम्मेदार है. पुलिस की जांच में जो आएगा उस आधार पर कार्रवाई होगा. वहीं विधानसभा परिसर में वरिष्ठ भाजपा विधायक बाबूलाल गौर ने कहा कि ऐसे मामलों में व्यक्ति की छवि खराब होती है. उन्होंने कहा कि मेरे पोते ने ही मीणा समाज की बेटी से शादी की, मगर मैंने उसे स्वीकार किया. रामपाल मामले को लेकर उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है, जांच के आधार पर ही कार्यवाही होगी.
रायसेन पुलिस ही करेगी जांच
गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में किसी कमेटी के गठन करने की आवश्यकता नहीं है. इस पूरे मामले की जांच रायसेन पुलिस कर रही है. उन्होंने कहा कि जांच पूर्ण होने तक किसी पर भी कोई आरोप नहीं लगा सकते.
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