मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अगले वर्ष साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जायेगा. साथ ही, प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जायेगा. चौहान ने युवाओं के प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था करने के लिये अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं. वे मंत्रालय में युवा सशक्तिकरण मिशन की समीक्षा करे थे.मुख्यमंत्री चौहान ने अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा किया जाये. प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण हो, ताकि युवा अपना स्व-रोजगार स्थापित कर सकें. उन्होंने प्रशिक्षण की साप्ताहिक समीक्षा करने तथा राज्य कौशल विकास एवं रोजगार बोर्ड की जिला इकाईयों की नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिये. चौहान ने स्पष्ट कहा कि प्रशिक्षण के लक्ष्य को हासिल करने की ठोस कार्य-योजना बनाई जाये. साथ ही, हर सप्ताह का रोडमैप बनाकर उस पर अमल सुनिश्चित किया जाये. बैठक में बताया गया कि इस वर्ष मुख्यमंत्री कौशल संबर्धन एवं कौशल्या योजना के अंतर्गत शासकीय संस्थाओं के माध्यम से 47 हजार 580 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाना है, जिनके कार्यादेश जारी किये जा चुके हैं. इन संस्थाओं में आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग कॉलेज शामिल हैं. इसी तरह अशासकीय संस्थाओं के माध्यम से 25 हजार 750 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाना है. समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि निजी प्रशिक्षण सेवा प्रदायकर्ताओं का इस वर्ष का लक्ष्य एक लाख 56 हजार 750 है जिनमें एक लाख 482 युवाओं का प्रशिक्षण 15 मार्च से शुरू होगा. बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत प्रदेश का 2020 तक 84 हजार 58 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाने का लक्ष्य है. इनमें इस वर्ष 25 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाना है. बैठक में तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी, राज्य कौशल विकास एवं रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष हेमंत विजयराव देशमुख एवं मुख्य सचिव बी.पी.सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा संजय बंदोपाध्याय एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
शुक्रवार, 2 मार्च 2018
साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जायेगा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अगले वर्ष साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जायेगा. साथ ही, प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जायेगा. चौहान ने युवाओं के प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था करने के लिये अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं. वे मंत्रालय में युवा सशक्तिकरण मिशन की समीक्षा करे थे.मुख्यमंत्री चौहान ने अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा किया जाये. प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण हो, ताकि युवा अपना स्व-रोजगार स्थापित कर सकें. उन्होंने प्रशिक्षण की साप्ताहिक समीक्षा करने तथा राज्य कौशल विकास एवं रोजगार बोर्ड की जिला इकाईयों की नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिये. चौहान ने स्पष्ट कहा कि प्रशिक्षण के लक्ष्य को हासिल करने की ठोस कार्य-योजना बनाई जाये. साथ ही, हर सप्ताह का रोडमैप बनाकर उस पर अमल सुनिश्चित किया जाये. बैठक में बताया गया कि इस वर्ष मुख्यमंत्री कौशल संबर्धन एवं कौशल्या योजना के अंतर्गत शासकीय संस्थाओं के माध्यम से 47 हजार 580 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाना है, जिनके कार्यादेश जारी किये जा चुके हैं. इन संस्थाओं में आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग कॉलेज शामिल हैं. इसी तरह अशासकीय संस्थाओं के माध्यम से 25 हजार 750 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाना है. समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि निजी प्रशिक्षण सेवा प्रदायकर्ताओं का इस वर्ष का लक्ष्य एक लाख 56 हजार 750 है जिनमें एक लाख 482 युवाओं का प्रशिक्षण 15 मार्च से शुरू होगा. बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत प्रदेश का 2020 तक 84 हजार 58 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाने का लक्ष्य है. इनमें इस वर्ष 25 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाना है. बैठक में तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी, राज्य कौशल विकास एवं रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष हेमंत विजयराव देशमुख एवं मुख्य सचिव बी.पी.सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा संजय बंदोपाध्याय एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
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