कांग्रेस ने लगातार दूसरे दिन स्थगन पर चर्चा की उठाई मांग
राज्य विधानसभा में रायसेन जिले के उदयपुरा में प्रीति द्वारा की गई आत्महत्या के मुद्दे पर कांग्रेस ने आज लगातार दूसरे दिन भी जमकर हंगामा किया. कांग्रेस के हंगामें के चलते प्रश्नकाल तो नहीं हुआ, बल्कि भोजनावकाश तक तीन मर्तबा विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा को कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी. भोजन अवकाश के बाद जब पुन: विधानसभा की कार्यवाही प्रारंभ हुुई तो फिर हंगामा और शोर शराबे के बीच स्पीकर ने लंबित शासकीय कार्य को घ्वानिमत से पारित करवा दिया. इसके साथ ही संसदीय कार्यमंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा के प्रस्ताव पर सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई. कांग्रेस द्वारा लगातार दूसरे दिन भी सदन में स्थगन पर चर्चा करने और मंत्री रामपाल एवं उनके बेटे गिरिजेश पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की जाती रही.राज्य विधानसभा में आज बुधवार की कार्यवाही शुरु होते ही कांग्रेस ने तीखे तेवर दिखाए. शुरुआत से ही कांग्रेस द्वारा प्रीति आत्महत्या मामले को लेकर मंत्री रामपाल और उनके पुत्र गिरिजेश पर एफआईआर दर्ज किए जाने एवं स्थगन पर चर्चा कराने की मांग की जाती रही. कार्यवाही शुरु होते ही कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत इस मुद्दे को उठाया और कहा कि कांग्रेस ने स्थगन दिया है, उस पर चर्चा कराई जाए. उनके यह कहने पर विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने कहा कि शासन ने बिना कहे ही अपना उत्तर दे दिया है. इस मुद्दे को शून्यकाल में उठाएं. मगर कांग्रेस सदस्य नहीं माने और हंगामा करने लगे. इतना कहने के बाद अध्यक्ष ने बसपा विधायक ऊषा चौधरी का नाम पुकार कर प्रश्नकाल शुरु किया और उनके कहा कि वे प्रश्न करें. मगर सदन में शोर इतना हो गया कि विधायक अपना प्रश्न नहीं पूछ पाई. तभी संसदीय कार्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस विधायक राजनीति कर रहे हैं. उन्होंंने कहा कि विपक्ष सदन को अखाड़ा बना रहा है. मंत्री ने कहा कि जब रामपालसिंह ने लड़की को बहू स्वीकार कर लिय तो अब इसमें बचा ही क्या है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक झूठ बोल रहे हैं. वहीं सामान्य प्रशासन मंत्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि विपक्ष अनुसूचित जाति वर्ग की विधायक की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है. कांग्रेस के हंगामें को देख विधानसभा अध्यक्ष को 10 मिनट के लिए कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा.
दोबारा जब सदन समवेत हुआ तो कांग्रेस का हंगामा जारी रहा. इस बार भी विधानसभा अध्यक्ष ने प्रयास किया कि कार्यवाही चलने दें और प्रश्नकाल हो जाने दें, मगर कांग्रेस विधायक नहीं माने. इस बार अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित की. इसके बाद फिर जब सदन समवेत हुआ तो कांग्रेस का हंगामा जारी रहा. हंगामें को बढ़ता देखा अध्यक्ष ने एक बार फिर दोपहर 1 बजे तक के लिए कार्यवाही को स्थगित कर दिया. इस तरह बार-बार कांग्रेस द्वारा कार्यवाही को बाधित किया, जिसके चलते लगातार दूसरे दिन आज बुधवार को प्रश्नकाल नहीं हो सका. विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कई बार विपक्षी सदस्यों से कार्रवाई सुचारु रुप से चलाने में सहयोग देने की बात कही, मगर विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा.
हंगामें के दौरान ही नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने कहा कि वे कल मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने गए थे. जब वे उनके मिले तो देखा कि पीड़ित परिवार डरा-सहमा हुआ है. नेता प्रतिपक्ष अपनी बात कर ही रहे थे कि कांग्रेस के रामनिवास रावत, डा. गोविंद सिंह, आरिफ अकील सहित अन्य कांग्रेस विधायक भी खड़े हुए और स्थगन पर चर्चा के अलावा पूरे मामले में मंत्री और उनके पुत्र पर एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग करने लगे. सदन की संपूर्ण कार्यवाही के वक्त यह हंगामा चलता रहा.
कांग्रेस आज प्रदेशभर में करेगी प्रदर्शन
प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंंह की पुत्रवधू द्वारा आत्महत्या मामले में कांग्रेस कल गुरुवार को प्रदेशभर में प्रदर्शन करेंगी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिला मुख्यालयों पर गुरूवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मंत्री सिंह के विरुद्ध प्रदर्शन कर उनका पुतला दहन करें. यादव ने कहा कि मंत्री सिंह के बेटे गिरजेश प्रताप सिंह द्वारा पूर्व से शादीशुदा होने के बावजूद दूसरा विवाह करने की तैयारी के कारण पहली पत्नी प्रीति रघुवंशी ने आत्महत्या कर ली, किंतु मंत्री के प्रभाव के कारण अभी तक थाने में एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई है. कांग्रेस ने सभी जिला अध्यक्षों को कार्यक्रम के बाद इसकी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय भेजने को भी कहा है.
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